शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती हुए ब्रह्मलीन, 99 साल थी उनकी उम्र
Photo: Twitter@AkhileshYadav
हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ब्रह्मलीन हो गए है। वो 99 वर्ष के थे।
उनका आश्रम मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में है। उन्होंने दोपहर 3:30 बजे अंतिम सांस ली।
हाल ही में उनका 99वां जन्मदिन मनाया गया था। तब उनसे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेताओं ने मुलाकात करके आशीर्वाद प्राप्त किया था।
उनको हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्म गुरु माना जाता था। वह गुजरात के द्वारका शारदा पीठ और बद्रीनाथ के ज्योतिर मठ के शंकराचार्य थे।
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि, “श्री द्वारका-शारदा पीठ व ज्योतिर्मठ पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य श्रद्धेय स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज का ब्रह्मलीन होना संत समाज की अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने परमधाम में स्थान व शोकाकुल हिंदू समाज को यह दुःख सहने की शक्ति दें। ॐ शांति!”
श्री द्वारका-शारदा पीठ व ज्योतिर्मठ पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य श्रद्धेय स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज का ब्रह्मलीन होना संत समाज की अपूरणीय क्षति है।
प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने परमधाम में स्थान व शोकाकुल हिंदू समाज को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 11, 2022
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, “द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज जी का निधन अत्यंत दुःखद। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे। भावभीनी श्रद्धांजलि।”
द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज जी का निधन अत्यंत दुःखद।
ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे।
भावभीनी श्रद्धांजलि। pic.twitter.com/SeRjqnSd6T
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 11, 2022
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क
