हिमाचल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 16 लोगों की मौत, 8 लापता
शिमला | हिमाचल प्रदेश में शनिवार को भारी बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की 34 घटनाओं में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मंडी, कांगड़ा और चंबा सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं। आपदा में पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर चक्की नदी पर बना रेलवे पुल भी ढह गया।
प्रमुख सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा के हवाले से एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य में 742 सड़कें और 172 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं।
मुख्य अभियंता (पीडब्ल्यूडी) ने कहा कि 742 सड़कों में से 407 को शनिवार तक और 268 को रविवार तक ठीक कर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव आरडी धीमान ने यहां समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी सड़कों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई व्यवधान ना हो।
No chance of road clearance today as per the officials! The slides are coming like periodic tremors! @iit__mandi#HimachalPradesh #landslide #WeatherUpdate #monsoon #disaster #mountains pic.twitter.com/9scYkoahjQ
— Aranya Kar (@aranyakar) August 20, 2022
उन्होंने उपायुक्तों को भारी वर्षा से हुए नुकसान की वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने और शिविरों में प्रभावित लोगों को आश्रय प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव शर्मा ने कहा कि राज्य आपदा मोचन कोष से जिलों को 232.31 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए सभी जिलों के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध है।
मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया कि पोंग बांध और चमेरा बांध अधिकारियों को जलाशयों के जल स्तर की जांच करने और किसी भी घटना की स्थिति में समय पर चेतावनी जारी करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।
सबसे बुरी तरह प्रभावित मंडी जिले में, 10 शव बरामद किए गए, जबकि आठ (काशांग गांव से और दो सदोहा गांव से) लापता लोगों के लिए बचाव अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और एसडीआरएफ के जवानों को इलाके में बचाव अभियान में लगाया गया है।
मंडी और कुल्लू कस्बे के बीच कटौला होते हुए सड़क भूस्खलन के कारण शुक्रवार रात से बंद है। यहां तक कि भूस्खलन से मंडी से आगे चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग भी बाधित हुआ।
Morning visuals of Chakki Rail bridge collapse – #Kangra
Extremely Heavy rains in various parts of #HimachalPradesh and #Uttarakhand, All the water bodies – rivers are overflowing.
Avoid travelling! pic.twitter.com/5hGQaYIRFy— Weatherman Navdeep Dahiya (@navdeepdahiya55) August 20, 2022
राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने यहां मीडिया को बताया कि 22 लोगों में से 18 को हमीरपुर जिले से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
पठानकोट में चक्की नदी पर बना 800 मीटर लंबा रेलवे पुल अचानक आई बाढ़ से पुल का खंभा बह जाने से ढह गया।
Pathankot -Jogindernagar railway track bridge damaged by #HeavyRains pic.twitter.com/R9aiNvUwKG
— Smriti Sharma 🇮🇳 (@SmritiS24856750) August 20, 2022
पठानकोट और जोगिंदरनगर के बीच 1928 में अंग्रेजों द्वारा शुरू की गई नैरो-गेज ट्रेन सेवा को पिछले महीने पुल में दरार आने के बाद रोक दिया गया था। अबकी बार खंभा बह गया है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य भर में भारी बारिश के कारण जानमाल के नुकसान और संपत्ति के नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए सभी जिला प्रशासन को राहत और बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा, “संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन के साथ युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।”
सरकार ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे यात्रा करने से पहले मौसम संबंधी सलाह देखें और नदियों के पास न जाएं क्योंकि उनमें से ज्यादातर उफान पर हैं।
स्थानीय मौसम कार्यालय ने 21 अगस्त तक निचले और मध्य पहाड़ियों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है।
आईएएनएस
