यूक्रेन में कड़कड़ाती ठंड में फंसे भारतीय छात्र, खाने-पीने के सामान की हुई कमी

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The Hindi Post

नई दिल्ली | यूक्रेन-रूस के बीच जंग की शुरूआत हो गई है। इस विवाद के बाद यूक्रेन में रह रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है। कीव स्थित भारतीय दूतावास के बाहर कई छात्र मौजूद है और सरकार से मदद मांग रहे हैं।

यूक्रेन में फंसे एक छात्र ने आईएएनएस को जानकारी देते हुए बताया कि, कीव स्थित दूतावास के बाहर भारतीय छात्रों ने अधिकारियों से दूतावास में बैठने की गुजारिश की, क्योंकि दूतावास के बाहर तापमान दो डिग्री सेल्सियस है और छात्र सुबह से खड़े हैं, लेकिन भारतीय दूतावासों से उन्हें होटल ढूंढने की सलाह दी है। छात्रों ने दूतावास के बाहर से एक वीडियो भी भेजा जिसमें कुछ अधिकारी छात्रों को समझाते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य छात्र भी वहां के हालातों को लेकर अपनी राय रख रहे हैं।

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यूक्रेन में फंसे इवानो फ्रंकिश्क नेशनल मेडिकल कॉलेज में इंडियन स्टूडेंट के प्रेजिडेंट दिव्यांशु गहलोत ने बताया कि, यहां हालात बेहद ज्यादा खराब है। सुबह से रूस की ओर से बम दागे जा रहे हैं। हर 15 मिनट में किसी न किसी शहर में बम फट रहा है। हम भारतीय दुतावास और भारत सरकार से हाथ जोड़ कर विनती करते हैं कि हमको यहां से निकाला जाए। भोजन खत्म हो चुका है, एटीएम में पैसा नहीं है। सभी साधन बंद हो चुके हैं।

दिव्यांशु के अलावा कई अन्य भारतीय छात्र मौजूद है, जो भारत सरकार से लगातार मदद मांग रहे हैं।

इसके अलावा भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में रह रहे छात्रों और नागरिकों को आगाह किया है। भारतीय दूतावास की ओर से इस संबंध में दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं और कहा गया है जो जहां है वो वहीं रहे, जो रास्ते मे हैं वह वापस लौट जाएं। जो छात्र कीव में फंसे हैं वह सभी अपने साथियों और दोस्तों के संपर्क में रहें। साथ ही दूतावास के संपर्क में रहें, दूतावास के सभी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जुड़े रहे।

यूक्रेन में वर्तमान हालात काफी अनिश्चितताओं से भरे हुए हैं। आप अभी जहां पर भी हों, वहां शांति और सुरक्षा के साथ रहें। इसके अलावा अन्य जानकारियों के लिए आगे के सुझाव जल्द जारी किए जाएंगे।”

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यूक्रेन के टरनोपिल शहर में रह रही रितिका निगम ने बताया कि, सुबह उठने के बाद हमने सबसे पहले पानी इकट्ठा किया और हमने खाने का सामान भी इकट्ठा किया हुआ है। वैसे हम एक हफ्ते का सामान लाकर रखते थे। लेकिन अब यहां कुछ भी नहीं है। आटा, चावल व तेल भी खत्म हो गया है। इसलिए हम ब्रेड, अंडा, दूध लेकर आए हैं। एटीएम और बैंक के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। यूक्रेन के निवासी पोलैंड जा रहे हैं, लेकिन हम वहां कैसे जाएं? एम्बुलेंस दौड़ रही है सभी घबराए हुए हैं।

दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच विवाद बढ़ने की कई दिनों से आशंका थी। गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दे दिया, जिसके बाद यूक्रेन में अब तक भारी तबाही मच चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार, रूस- यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के 40 से अधिक सैनिकों और दर्जन भर नागरिकों की मारे जाने की सूचना है।

आईएएनएस

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