‘मस्जिदों में 50 फीसदी लोग ही आएं’

Namaz

प्रतीकात्मक फोटो

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नई दिल्ली | देश में लागू लॉकडाउन में थोड़ी ढील देते हुए केंद्र सरकार ने कुछ शर्तों के साथ अनलॉक-1 का जो ऐलान किया है, उसके मुताबिक, 8 जून से सभी धार्मिक स्थल खोले जाएंगे। इसके मद्देनजर ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुखिया डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी ने देश के मुसलमानों, मस्जिदों के इमामों और मुफ्तियों से अपील करते हुए कहा है कि “मस्जिदों में 50 फीसदी लोग हीआएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करें।” डॉ. इलियासी ने एक वीडियो के जरिये अपील की है, “भारत सरकार के निर्देशों को हमने जिस तरह पालन किया है, उसी तरह हम नई गाइडलाइंस को भी फॉलो करेंगे। 8 तारीख को मस्जिदें खुलेंगी, ये खुशी की बात है, लेकिन अब हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।”

उन्होंने कहा, “अब जुमे की नमाज के लिए सड़कों पर न बैठें, अब सड़क पर नमाज नहीं होगी। हमने तय किया है एक मस्जिद के अंदर जुमे की नमाज दो बार होगी, ताकि सभी लोगों की नमाज हो सके और नियमों का पालन भी हो सके। घर से निकलते वक्त अपने हाथों को सेनिटाइज करके ही निकलें।”

उन्होनें कहा कि एक मस्जिद में 100 लोग आते हैं तो अब एक बार में50 लोग ही आएं, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। घर से जब नमाज पढ़ने के लिए निकलें तो अपनी चटाई लेकर मस्जिद में आएं, मस्जिदों की चटाई का इस्तेमाल न करें। घर से निकलते वक्त नमाज के लिए वुजू करके निकलें, मस्जिदों के वॉशरूम का इस्तेमाल न करें, क्योंकि मस्जिदों का बार-बार सेनिटाइजेशन करना मुश्किल होगा, इस बात का ध्यान रखें।

डॉ. इलियासी ने कहा, “सभी मुसलमानों को अपने घर से ही टोपी साथ लेकर निकलना होगा, मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए टोपियां नहीं मिलेंगी, मस्जिदों में सिर्फ फर्ज नमाज और जुमे की नमाज पढ़ने के लिए आएं, बाकी नमाज घर पर ही पढ़ें।”

उन्होंने कहा, “मस्जिदों के अंदर किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं होगी। ये ना सोचें कि चीजें खुलने लगीं तो कोरोना चला गया है गलतफहमी में न रहें। कोरोना की अभी वैक्सीन नहीं बनी है।”

आईएएनएस


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