भारत में रुकेंगे या छोड़ना होगा देश….? इमरान खान के चुनाव आयोग विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनाया यह फैसला….
(फोटो क्रेडिट : आईएएनएस)
भारत में रुकेंगे या छोड़ना होगा देश….? इमरान खान के चुनाव आयोग विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में हाईकोर्ट ने सुनाया यह फैसला….
मुंबई | बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को भारत में रहने और उनके ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की ओर से जारी ‘लीव इंडिया’ नोटिस पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखने का फैसला किया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। हालांकि, अदालत ने अभिनेता को कथित तौर पर ओसीआई नियमों के उल्लंघन के लिए बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश भी दिया है। अदालत ने कहा कि केवल भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान के ओसीआई कार्ड और विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी पर सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि इमरान खान प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए थे? क्या वह किसी फिल्म की रिलीज या प्रमोशन के लिए वहां गए थे?
जज ने कहा कि ओसीआई कार्ड धारकों को भारतीय नागरिकों जैसे सभी अधिकार नहीं मिलते और उन्हें नियमों का पालन करना जरूरी है। अदालत ने यह भी सवाल किया कि इमरान खान पिछले 42 साल से भारत में रह रहे हैं, यहां पढ़ाई की है, काम किया है और कमाई की है, फिर भी उन्होंने भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली?
इमरान खान की ओर से पेश वकील ने कहा कि अभिनेता का प्रदर्शन आयोजित करने वाले ऑर्गनाइजेशन से कोई संबंध नहीं है। वह भारत में ही पढ़े हैं और लंबे समय से यहीं रह रहे हैं। अमेरिका में वह केवल करीब दो साल रहे थे। अभिनेता ने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया कि वह जरूरी शर्तों का पालन करने और किसी भी तरह का आश्वासन देने के लिए तैयार हैं।
वकील ने दलील में कहा कि एफआईआर में इमरान खान के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं लगाया गया है और जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, वे जमानती हैं। वहीं, एफआरआरओ की ओर से कहा गया कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओसीआई कार्ड है। विभाग को ओसीआई नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने का अधिकार है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी जिक्र किया। अदालत ने कहा कि इमरान खान लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि, इसके लिए उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी होगी और भविष्य में नियमों का पालन करने का भरोसा देना होगा।
दरअसल, मामला 10 अक्टूबर का है। इस दिन मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर किया गया था। इमरान खान भी अपनी पार्टनर लेखा वाशिंगटन के साथ वहां पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।
इसके बाद बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई। एफआरआरओ ने 14 अक्टूबर को इमरान को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। इसके अलावा 17 अक्टूबर को उनके ओसीआई कार्ड का रजिस्ट्रेशन रद्द करने को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इस नोटिस पर पहले 2 नवंबर तक रोक लगाई गई थी। अब अदालत ने इस रोक को अगली सुनवाई 7 दिसंबर तक जारी रखने का फैसला सुनाया है।
BY IANS
इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत, 7 दिसंबर तक ‘लीव इंडिया’ नोटिस पर रोक
