बांग्लादेश में लगे भारत विरोधी नारे, लगाया गया बड़ा आरोप
बांग्लादेश में लगे भारत विरोधी नारे, लगाया गया बड़ा आरोप
प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के खिलाफ बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने एक बड़ी रैली आयोजित की. नेशनल म्यूजियम के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में महंगाई, बिजली संकट और ईंधन की किल्लत को लेकर सरकार को घेरा गया. साथ ही गृह मंत्री और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने ‘दिल्ली नहीं ढाका’ और ‘ढाका ढाका’ जैसे नारे लगाए.
रैली का नेतृत्व 2024 के जुलाई आंदोलन के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम ने किया. उन्होंने भारत पर बांग्लादेश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने सीमा पर लोगों की हत्या, असम और पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के साथ भेदभाव और दिल्ली में मस्जिदों को गिराने की योजना होने जैसे दावे भी किए. इसके साथ ही उन्होंने दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहे 30 वर्षीय गंगा जल समझौते पर भारत से दोबारा बातचीत करने की मांग उठाई. उन्होंने चेतावनी दी कि हक का पानी न मिलने पर जनता दोबारा सड़कों पर उतरेगी.
मालूम हो, नाहिद इस्लाम 2024 के जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं. इस आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी.
इस प्रदर्शन में NCP सांसद हसनत अब्दुल्ला भी शामिल थे.
बता दे कि बांग्लादेश इस समय ऊर्जा संकट और महंगाई की मार झेल रहा है. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा घरेलू आर्थिक संकट था लेकिन राजनीतिक मंच से एक बार फिर भारत विरोधी बयानबाजी की गई.
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