कौन है सीजेपी का असली लीडर ? अभिजीत दीपके ने बताया नाम, कहा – “मैं बस ऑर्डर फॉलो कर रहा…”
वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब
कौन है सीजेपी का असली लीडर ? अभिजीत दीपके ने बताया नाम, कहा – “मैं बस ऑर्डर फॉलो कर रहा…”
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा चलाए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है. संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास के जेल जाने के बाद दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे युवाओं से त्योहारों का समय अपने परिवारों के साथ बिताने की अपील की है.
वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि वह इस आंदोलन के मुख्य नेतृत्वकर्ता नहीं हैं, बल्कि केवल निर्देशों का पालन कर रहे थे. उन्होंने कहा, “आंदोलन को आगे बढ़ाने में आशुतोष रांका और सौरभ दास की मुख्य भूमिका रही है. वे ही रणनीति तय करते थे और मुझे दिशा-निर्देश देते थे. बाहर से भले ही मैं नेतृत्व करता दिखा लेकिन निर्णय लेने की क्षमता उनमें मुझसे कहीं बेहतर है.”
साथियों का जिक्र करते हुए दीपके भावुक भी नजर आए. उन्होंने कहा कि दोनों के परिजनों ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस दिखाया है और वे लगातार इस अभियान के साथ खड़े हैं.
Message to all cockroaches https://t.co/9e5yI9Nst0
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
आंदोलन की तुलना गांधीवादी सत्याग्रह से करते हुए दीपके ने कहा कि जेल की सलाखें उनके साथियों का मनोबल नहीं तोड़ सकतीं और रिहाई के बाद पूरा देश उनके संघर्ष का सम्मान करेगा. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की सख्ती और कानूनी दबाव के बावजूद युवाओं ने एकजुटता दिखाई है. साथ ही उन्होंने आगाह किया कि नफरत के खिलाफ इस वैचारिक लड़ाई में व्यक्तिगत कटुता से बचना जरूरी है.
दीपके का यह बयान ऐसे समय में आया है जब आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई है, जबकि मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने, नारेबाजी करने और तिरंगा फहराने के आरोप में आशुतोष रांका, सौरभ दास, आंजिक्य शिंदे को हिरासत में ले लिया गया था. शिंदे को बाद में छह माह के लिए सदाचार व शांति बनाए रखने की शर्त पर निजी मुचलके और जमानत पर रिहा कर दिया गया था.
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