मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के हुए आदेश, जानें पूरा मामला….

Gyanesh Kumar CEC (1)

ज्ञानेश कुमार की फाइल फोटो (क्रेडिट: आईएएनएस)

The Hindi Post

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के हुए आदेश, जानें पूरा मामला….

 

तिरुवनंतपुरम | केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को विजिलेंस जांच का आदेश दिया. यह जांच राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान लगे आरोपों से जुड़ी है और इसके लिए कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल ने याचिका दायर की थी.

यह मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन से जुड़ा है जिन्होंने नवंबर 2006 में केरल से लौटने के बाद कुआलालंपुर में आत्महत्या कर ली थी. वह पीएचीआई-बीईएल कंसोर्टियम से जुड़े थे जो केरल राज्य परिवहन परियोजना (केएसटीपी) के तहत एमसी रोड को अपग्रेड करने का काम कर रहा था.

खबरों के अनुसार, इंजीनियर के कथित सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम था, जो उस समय पीडब्ल्यूडी सचिव के पद पर थे. यह मामला परियोजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं और इन दावों से संबंधित है कि बाहरी दबाव के कारण 2006 में की गई शुरुआती विजिलेंस जांच पटरी से उतर गई थी.

इन आरोपों पर कार्रवाई करते हुए राज्य के गृह विभाग ने विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) द्वारा पहले की गई जांच से जुड़ी सभी संबंधित फाइलें मांगी हैं. इन रिकॉर्ड्स की जांच करके यह पता लगाया जाएगा कि मूल कार्यवाही कैसे की गई थी और क्या बाहरी प्रभाव ने इसकी दिशा को प्रभावित किया था.

केरल के गृह मंत्री के कार्यालय के अनुसार, चेन्निथला ने विजिलेंस डायरेक्टर को दखलंदाजी के आरोपों की पूरी जांच करने और जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मंत्री ने कहा कि बाहरी दखल के आरोप गंभीर हैं और इनकी विस्तृत जांच होनी चाहिए.

बता दें कि मलेशियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन ने उस कंसोर्टियम के साथ काम किया था जिसे एमसी रोड को अपग्रेड करने का काम सौंपा गया था. यह केरल राज्य परिवहन परियोजना का एक अहम हिस्सा था. बाद में उनकी मौत को सड़क सुधार के कामों के प्रशासन और उन्हें पूरा करने से जुड़े आरोपों से जोड़कर देखा जाने लगा.

सरकार के इस नए कदम का आधार वेणुगोपाल की याचिका है. यह नई जांच उन आरोपों के बाद शुरू की गई है जिनमें कहा गया था कि पिछली जांच बाहरी दबाव के कारण पटरी से उतर गई थी.

कथित सुसाइड नोट में कुमार का जो जिक्र होने की बात कही जा रही है, वो जांच का विषय है. न तो उस कथित जिक्र से और न ही नई जांच की घोषणा से यह साबित होता है कि उन्होंने कोई गलत काम किया है.

आगे की कार्रवाई विजिलेंस की जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी. सरकार का तत्काल निर्देश है कि रिकॉर्ड हासिल किए जाएं, दखलंदाजी के आरोपों की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या मूल कार्यवाही में कोई गड़बड़ी हुई थी, ताकि यह तय किया जा सके कि आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए.

BY IANS

केरल के गृह मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े 2006 के मामले में विजिलेंस जांच के दिए आदेश

 

Disclaimer: This article has been written by the news agency IANS. TheHindiPost.In has neither written nor edited this article, nor has it independently verified the information contained herein. TheHindiPost.In assumes no responsibility or liability of any kind for the information provided in this article.


The Hindi Post
error: Content is protected !!