“भगत सिंह और आंबेडकर जिंदा होते तो उन्हें भी कहते दिमागी नक्सली”, इस दिग्गज नेता का PM मोदी पर तीखा प्रहार
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‘भगत सिंह और आंबेडकर जिंदा होते तो उन्हें भी कहते दिमागी नक्सली’, इस दिग्गज नेता का PM मोदी पर तीखा प्रहार
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है. पीएम के बयान की व्याख्या करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार मांगना और सत्ता से सवाल करना नक्सलवाद है तो वह खुद को ‘दिमागी नक्सल’ मानते हैं.
केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी के हिसाब से दिमागी नक्सली वे लोग हैं जो सवाल उठाते हैं या व्यवस्था बदलना चाहते हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन है, जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत रखता है, प्रधानमंत्री जी के हिसाब से वो दिमागी नक्सल है. जो सड़ी गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, जो अच्छे सरकारी स्कूल चाहता है, जो अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है, जो बिजली चाहता है, पानी चाहता है, सीवर चाहता है, ड्रेनेज चाहता है, अच्छी व्यवस्था चाहता है. भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखखता है.. वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सली है. जो प्रधानमंत्री और बीजेपी से डरता नहीं है, जो विकसित भारत का सपना देखता है, वो प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सल है.”
पूर्व सीएम ने कहा कि अगर महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर आज जिंदा होते तो पीएम उन्हें भी दिमागी नक्सली कहते.
“मैं अरविंद केजरीवाल आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं क्योंकि में देशभक्त हूं और मुझे इस बात का गर्व है. यदि देश के खिलाफ कोई कुछ बोलेगा या करेगा, केजरीवाल पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा, जय हिंद.”
क्या कहा था प्रधानमंत्री मोदी ने?
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने जंगलों में हथियारी नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है. हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि ‘दिमागी नक्सल’ अब भी सक्रिय हैं, जो समाज में भ्रम, हिंसा और अराजकता फैलाने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं.
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