उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ में 100 साल पुराना जर्जर मकान ढहने से परिवार के 6 लोगों की मौत, एक युवक जिंदा बचा, VIDEO
फोटो: आईएएनएस
उत्तर प्रदेश: प्रतापगढ़ में 100 साल पुराना जर्जर मकान ढहने से परिवार के 6 लोगों की मौत, एक युवक जिंदा बचा
प्रतापगढ़ | उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में लगातार बारिश के दौरान लगभग 100 साल पुराना जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई. इस घटना में परिवार का एक सदस्य जिंदा बचा है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में देर रात यह हादसा हुआ. लगातार बारिश के दौरान करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के समय एसी चलने के कारण परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे. इस कारण पूरा परिवार मलबे में दब गया.
हादसे में दो मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलते ही सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा भारी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे. पुलिस और राहत-बचाव टीमों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला.
Pratapgarh, Uttar Pradesh: A nearly 100-year-old house collapsed amid heavy rainfall in Mahuli locality under the Kotwali police station area, killing six members of a family and injuring another. Police said all seven family members were asleep in the same room when the… pic.twitter.com/Eg5vRFwuMW
— IANS (@ians_india) August 5, 2026
सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “रात करीब 2 बजे कोतवाली पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि महोली इलाके में एक घर की छत गिर गई है जिससे प्रमोद श्रीवास्तव और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य मलबे के नीचे दब गए हैं. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, मलबा हटाया और सभी पीड़ितों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.”
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता (उम्र 55 वर्ष), बेटा नितिन (उम्र 25 वर्ष), बहू माधुरी (23 वर्ष), पोता माधव (एक वर्ष) और पोता अद्विक (10 महीने) के रूप में हुई. घायल युवक की पहचान अमन श्रीवास्तव के रूप में हुई.
इस घटना में बचे अमन श्रीवास्तव ने कहा, “जब मेरी नींद खुली तो मुझे एहसास हुआ कि मैं मलबे के नीचे दबा हुआ हूं. किसी तरह मैं बाहर निकला और देखा कि परिवार के सभी सदस्य फंसे हुए थे. मैंने पहले खुद उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाया इसलिए मदद के लिए चिल्लाने लगा. परिवार के लोग, पड़ोसी और दूसरे लोग वहां जमा हो गए. हम सभी सात लोग एक ही कमरे में सो रहे थे. मेरे माता-पिता, मेरा छोटा भाई, मेरी पत्नी और हमारे दो छोटे बच्चे अंदर थे. मुझे तो बचा लिया गया लेकिन वे सभी मारे गए.”
पड़ोस में रहने वाली पूनम श्रीवास्तव ने आईएएनएस से कहा, “पूरा परिवार सो रहा था तभी अचानक छत गिर गई. ऊपर की मंजिल का मलबा नीचे की मंजिल पर आ गिरा जिससे सोते हुए सभी लोग अंदर ही फंस गए. घर के अंदर परिवार के सात सदस्य थे. एक व्यक्ति को जिंदा बचा लिया गया जबकि दो बच्चों समेत छह अन्य लोगों की मौत हो गई.”
IANS
