यूपी में दिनदहाड़े बदमाश का एनकाउंटर, एक लाख का था इनाम, क्या है पूरा मामला ?
यूपी में दिनदहाड़े बदमाश का एनकाउंटर, एक लाख का था इनाम, क्या है पूरा मामला ?
यूपी में बुधवार की दोपहर दिनदहाड़े एनकाउंटर में पुलिस ने एक लाख के इनामी फुरकान को मार गिराया है. शामली में झिंझाना थानाक्षेत्र में रंगाना फार्म के पास एनकाउंटर हुआ है. फुरकान का नाम कैराना पलायन में चर्चा में आया था. 2014 में फुरकान ने एक व्यापारी की रंगदारी नहीं देने पर दिनदहाड़े हत्या कर दी थी. उसी के बाद पलायन का मामला उठा था. फुरकान लूट और हत्या के प्रयास समेत अन्य मामलों में वांछित था. उसके खिलाफ लूट, हत्या, डकैती के लगभग 30 मुकदमे दर्ज हैं.
कुख्यात फुरकान का आतंक कैराना के अलावा अन्य जनपदों में फैला था. वह दो बार जेल भी गया था. चार-पांच माह पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था. इसके बाद कैराना और कांधला में लूट और हत्या के प्रयास में शामिल था. पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. कई व्यापारियों को भी रंगदारी के लिए धमका रहा था. कैराना में हुए हत्याकांड के गवाह भी इससे डरे हुए थे. बुधवार की दोपहर पुलिस को गश्त के दौरान रंगाना में बदमाशों के जुटने की सूचना मिली. जैसे ही पुलिस पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस के ऊपर फायर झोंक दिया.
जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली एक बदमाश को लगी और अन्य बदमाश फरार हो गए. इससे पहले कि गोली से घायल बदमाश को अस्पताल ले जाते, उसकी मौत हो चुकी थी. बदमाश की शिनाख्त एक लाख के इनामी फुरकान के रूप में हुई. पुलिस ने हिस्ट्री निकाली तो उस पर लूट, हत्या, डकैती, रंगदारी आदि के लगभग 30 मुकदमे दर्ज मिले.
पुलिस ने बताया कि फुरकान का कैराना में आतंक रहा है. बीस साल पहले मुकीम काला और फुरकान दोनों गैंग की इस इलाके में दहशत थी. मुकीम गैंग को पुलिस लगभग खत्म कर चुकी है, जबकि फुरकान अब भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. फुरकान के डर से कैराना के व्यापारी पलायन को मजबूर हो गए थे.
करीब बीस साल पहले कैराना में व्यापारी रोहताश की हत्या के बाद फुरकान सुर्खियों में आया. इसके बाद वर्ष 2014 में दिनदहाड़े व्यापारी विनोद की हत्या कर दी थी. इसी के बाद कैराना पलायन का मामला उठा था. फुरकान को ही कैराना पलायन का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता था. एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विनोद हत्याकांड की पैरवी कर रहे परिजनों को भी यह डरा रहा था. इसके डर के कारण वह पैरवी भी नहीं कर पा रहे थे.
कैराना से तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने 2016 में कैराना से व्यापारियों और हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया था. सांसद ने 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी की थी. इसके चलते तत्कालीन डीजीपी ने फुरकान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. 2017 में पुलिस ने कांधला से फुरकान को गिरफ्तार किया था. कुछ समय बाद फुरकान फिर से जमानत पर छूट गया था.
