सोनम वांगचुक के अनशन पर हन्ना हजारे ने दी प्रतिक्रिया, क्या कहा ?
फोटो: आईएएनएस
अहमदनगर (महाराष्ट्र) | सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत करने की अपील की है. गौरतलब है कि पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने कहा, “दोनों पक्षों के बीच वैचारिक तालमेल आवश्यक है क्योंकि इस समस्या का स्थायी समाधान केवल संवाद और आपसी सूझबूझ से ही संभव है.” उन्होंने इस बात पर पुनः बल देते हुए कहा, “जहां तक मुमकिन हो, बातचीत के माध्यम से ही इस गतिरोध को दूर करने के प्रयास किए जाने चाहिए.”
अन्ना हजारे ने आगे कहा, “अगर हम समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं तो विवादों को आपसी सहमति से निपटाने की कोशिश होनी चाहिए. यदि इस मामले को बेवजह खींचा गया तो इससे कोई समाधान नहीं निकलेगा.”
2011 के ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन की यादें
गौरतलब है कि इसी तरह के एक बड़े आंदोलन में अन्ना हजारे ने साल 2011 में दिल्ली के जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में 13 दिनों की भूख हड़ताल का नेतृत्व किया था. इसे ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत) आंदोलन के नाम से जाना जाता है. तत्कालीन कांग्रेस नीत यूपीए (UPA) सरकार द्वारा लोकपाल विधेयक के लिए एक संयुक्त मसौदा समिति (Joint Drafting Committee) बनाने पर सहमत होने के बाद अन्ना हजारे ने अपना अनशन समाप्त किया था.
यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सोनम वांगचुक नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे. इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किया जा रहा है.
