PoK में भारी बवाल: रावलकोट में भड़की हिंसा, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारे गए इतने लोग
PoK में भारी बवाल: रावलकोट में भड़की हिंसा, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारे गए इतने लोग
इस्लामाबाद | पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच मंगलवार को सामने आईं कई रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट में झड़पों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में छह और लोगों की मौत हो गई.
रावलकोट के न्यू बस टर्मिनल के पास उस समय झड़पें हुई जब पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों ने नागरिकों पर कार्रवाई की. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात शामिल हैं.
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में पिछले कई हफ्तों से हजारों स्थानीय लोग इस्लामाबाद में बैठे हुक्मरानों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं. बुनियादी अधिकारों की मांग से शुरू हुआ यह आंदोलन अब इस क्षेत्र पर पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे अवैध नियंत्रण के खिलाफ एक शक्तिशाली चुनौती में बदल गया है. स्थानीय नेता लगातार ऐसे तीखे आरोप लगा रहे हैं जो इस कब्जे वाले क्षेत्र पर पाकिस्तानी अधिकारियों के झूठे नैरेटिव (प्रचार) की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
हाल ही में रावलकोट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारी नेता जावेद इकबाल ने कहा, “78 सालों तक उन्होंने हमें ‘श्रीनगर की आजादी’ का चूर्ण (प्रोपेगैंडा) बेचा. वह फर्जी चूर्ण अब एक्सपायर हो चुका है; कश्मीरी अब इसे खरीदने वाले नहीं हैं. जब हम आटा मांगते हैं, तो हमें गोलियां मिलती हैं; जब हम बिजली मांगते हैं, तो हमें गोलियां मिलती हैं; जब हम पानी मांगते हैं, तो हमें गोलियां मिलती हैं.”
यह जोर देते हुए कि PoJK अब पाकिस्तान से पूरी तरह तंग आ चुका है, सभा में यह नारा गूंज उठा: “बच्चा-बच्चा कट मरेगा, लेकिन कश्मीर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) सूबा (प्रांत) नहीं बनेगा.”
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भी कब्जे वाले क्षेत्र के सैकड़ों स्थानीय लोग, विशेष रूप से महिलाएं, दमन, भारी टैक्स, बिजली दरों में बढ़ोतरी और मनमानी गिरफ्तारियों के खिलाफ मार्च करती हुई दिखाई दे रही हैं.
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फरराबाद की ओर ‘लॉन्ग मार्च’ करने का ऐलान किया है जिसमें क्षेत्र भर के लोगों से बड़ी संख्या में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है.
इस बीच, भारत ने मंगलवार को PoJK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. भारत ने कहा कि यह अशांति इस्लामाबाद द्वारा दशकों से किए जा रहे प्रणालीगत शोषण और मौलिक अधिकारों से वंचित रखने का सीधा नतीजा है.
मंगलवार को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों का जवाब अत्यधिक पुलिस बर्बरता, आवश्यक आपूर्ति रोककर और इंटरनेट ब्लैकआउट लगाकर दिया है. उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को इन “गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कुकर्मों” के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराएगा.
जब PoJK में चल रहे प्रदर्शनों के बारे में पूछा गया, तो जायसवाल ने जवाब दिया, “पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्रों में दशकों से जारी प्रणालीगत शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “स्थानीय आबादी की वैध शिकायतों का समाधान करने के बजाय, पाकिस्तानी शासन ने अत्यधिक पुलिस बर्बरता के साथ जवाब दिया है जिसमें असहाय महिलाओं और बच्चों को भी निशाना बनाया गया है. भोजन और दवाओं सहित आवश्यक सामानों की आपूर्ति को रोका जा रहा है, इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया जा रहा है और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल का प्रयोग किया जा रहा है जिससे दुखद मौतें हुई हैं. हम उम्मीद और कामना करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को इन गंभीर अत्याचारों और कुकर्मों के लिए पूरी तरह से जवाबदेह ठहराएगा.”
IANS
PoK में भारी बवाल: रावलकोट में भड़की हिंसा, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 6 नागरिकों की मौत
