लखनऊ अग्निकांड : “दादी के निधन पर संयम को घर आना था पर आई उसकी लाश” परिजनों का छलका दर्द, उठाए ये सवाल…
आग लगने के कुछ ही देर में लपटें विकराल हो गई / (फोटो क्रेटिड : सोशल मीडिया / एक्स)
लखनऊ अग्निकांड : “दादी के निधन पर संयम को घर आना था पर आई उसकी लाश” परिजनों का छलका दर्द, उठाए ये सवाल…
लखनऊ | लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 12 से ज्यादा लोगों में 28 वर्षीय संयम विज और 25 वर्षीय सूरजभान सिंह भी शामिल थे. हादसे के बाद दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं और अपने प्रियजनों को याद कर भावुक हो रहे हैं.
संयम विज के मामा गौरव ने आईएएनएस से बताया कि परिवार को हादसे की जानकारी सोमवार रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच मिली. उन्होंने कहा, “एक दोस्त का फोन आया, जिसने संयम की मां को इस घटना के बारे में बताया. खबर मिलते ही हम तुरंत कार से लखनऊ के लिए रवाना हो गए.”
गौरव ने बताया कि संयम पिछले पांच वर्षों से एनीमेशन क्षेत्र में काम कर रहे थे और हर वीकेंड घर आया करते थे. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “उन्हें कल घर आना था क्योंकि परिवार में उनकी दादी के निधन का शोक चल रहा था.”
परिवार के एक अन्य सदस्य ने इमारत (जिस में आग लगी थी) में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ. उन्होंने कहा, “इमारत में न तो उचित सीढ़ियां थीं और न ही आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता. ऐसी स्थिति में इस जगह को संचालित करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी.”
वहीं, सूरजभान सिंह के भाई सुधीर ने बताया कि परिवार अभी भी हादसे की पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा, “हमें बताया गया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी लेकिन अभी हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है.” सूरजभान भी एक एनीमेशन कंपनी में कार्यरत थे.
प्रशासन के अनुसार, 15 मृतकों की पहचान हो चुकी है. मृतकों में शाहजान, सुखमनी सिंह, आदित्य श्रीवास्तव, ज्वानिल चक्रवर्ती, सागर पंत, निलेश, संयम, भविष्य, ज्योति, अब्दुल रहमान, अनामिका सामंत, सूरज सिंह, मोहम्मद अम्मार, तीजराज और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना निवासी सोमाल्या शामिल हैं. अधिकांश मृतकों की उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच बताई जा रही है.
हादसे में घायल लवप्रीत और जयंत का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चल रहा है.
इस मामले में पुलिस ने इमारत मालिकों और अन्य लोगों के खिलाफ अलीगंज थाने में एफआईआर दर्ज की है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 105, 110, 125 और 3(5) के तहत छह नामजद आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आग से जुड़ी सुरक्षा खामियों और अन्य लापरवाहियों की जांच कर रही है.
अब तक इमारत मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषांक कृष्ण जायसवाल और स्टूडियो संचालक सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया जा चुका है.
IANS
लखनऊ अग्निकांड : ‘बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था,’ परिजनों का छलका दर्द
