टीएमसी के 20 और शिव सेना के 6 सासंदों के बाद अब इस पार्टी के लोकसभा सांसदों में हो सकती है टूट…., केंद्रीय मंत्री के दावे से गरमाई राजनीति
टीएमसी के 20 और शिव सेना के 6 सासंदों के बाद अब इस पार्टी के लोकसभा सांसदों में हो सकती है टूट…., केंद्रीय मंत्री के दावे से गरमाई राजनीति
देश की सियासत में इस समय विपक्षी दलों के भीतर बड़ा भूचाल आया हुआ है. शिवसेना (UBT) के सांसदों में संभावित बगावत के बीच अब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आम आदमी पार्टी (AAP) तथा समाजवादी पार्टी (SP) में भी बड़ी टूट का दावा किया है.
‘AAP’ और DMK को लेकर रामदास आठवले का बड़ा दावा
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के बाद अब आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद भी एनडीए (NDA) को अपना समर्थन दे सकते हैं. फिलहाल लोकसभा में ‘AAP’ के 3 सांसद हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक और बहुत अच्छी चीज हुई है. डीएमके ने कांग्रेस पार्टी से गठबंधन खत्म कर लिया है. आठवले का मानना है कि इन सब बदलावों के बाद मोदी सरकार महिला आरक्षण परिसीमन बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पास कराने जा रही है.
उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना; बोले— 2019 में की थी गलती
शिवसेना (UBT) के संकट पर आठवले ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने साल 2019 में भाजपा का साथ छोड़कर बड़ी गलती की थी, वरना वह खुद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बन सकते थे. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसद पाला बदलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो चुके हैं जिससे महायुति की ताकत और बढ़ गई है.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में भी बगावत के संकेत!
इधर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में ‘बड़ी टूट’ होने वाली है. राजभर के मुताबिक, सपा के कई बड़े नेता और सांसद भाजपा में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं. हालांकि, समाजवादी पार्टी ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले दोनों गुट
शिवसेना (UBT) के भीतर मचे घमासान की तस्वीर बुधवार को संसद भवन में साफ देखने को मिली. एक तरफ बागी गुट के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर दावा किया कि उन्हें 9 में से 6 सांसदों का समर्थन प्राप्त है और वे जल्द ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय की औपचारिक मांग रख सकते हैं. दूसरी तरफ, उद्धव गुट के वफादार सांसदों— अरविंद सावंत, अनिल देसाई और संजय राउत ने भी स्पीकर से मुलाकात की और आग्रह किया कि इस मामले में कोई भी फैसला संविधान, स्थापित नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ही लिया जाए.
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