अफवाह बनी काल: उदयपुर इंटरसिटी से कूदकर दूसरी ट्रैक पर भागे यात्री; मासूम बच्चे और तीन महिलाओं की कटकर मौत
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
अफवाह बनी काल: उदयपुर इंटरसिटी से कूदकर दूसरी ट्रैक पर भागे यात्री; मासूम बच्चे और तीन महिलाओं की कटकर मौत
मुरैना | मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर स्टेशन के पास रविवार (14 जून) शाम एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला घटना घटी. ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण चार यात्रियों की मौत हो गई. मृतकों में तीन महिलाएं और एक चार साल का मासूम बच्चा शामिल है. ये सभी यात्री खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से कूदकर बगल वाले ट्रैक पर आ थे. इस दौरान दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से चारों की मौत हो गई.
यह भीषण दुर्घटना 14 जून की दोपहर करीब 4:15 बजे हुई. चश्मदीदों के मुताबिक, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा डिब्बा) में अचानक यह अफवाह फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है. इस अफवाह के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया और किसी ने तुरंत आपातकालीन चेन खींच दी (चेन पुलिंग) जिससे ट्रेन हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड के बीच रुक गई.
जान बचाने की होड़ में काल बन गया दूसरा ट्रैक
ट्रेन के रुकते ही घबराए हुए यात्री अपनी जान बचाने के लिए नीचे कूद पड़े और अनजाने में पास वाले समानांतर रेलवे ट्रैक पर चले गए. ठीक उसी पल, विपरीत दिशा से आ रही फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20424) वहां से गुजरी. पटरी पर खड़े यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और चार लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए.
Madhya Pradesh: A train accident occurred in Morena after passengers travelling on the Udaipur Intercity Express jumped off the train following rumours of a fire. Several passengers were hit by the approaching Patalkot on the main track. The incident took place near Hetampur… pic.twitter.com/LfSX6R4XE8
— IANS (@ians_india) June 14, 2026
रेलवे अधिकारियों ने मृतकों की पहचान आफरीन (35 वर्ष), उनके चार वर्षीय बेटे असद, शकुंतला (60 वर्ष) और वीरमा देवी (58 वर्ष) के रूप में की है. पटरी पर क्षत-विक्षत शवों को देखकर मौके पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय निवासियों में चीख-पुकार मच गई और माहौल बेहद गमगीन हो गया.
प्रशासन मुस्तैद; राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, जीआरपी (GRP), आरपीएफ (RPF) और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया.
सराय छोला के थाना प्रभारी के.के. सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने तत्परता से काम शुरू किया और स्थिति को संभाला. प्रभावित यात्रियों और पीड़ित परिवारों को आवश्यक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
इस दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. झांसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और जांच की निगरानी करने के लिए खुद मौके पर पहुंच गए हैं. जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि आग लगने की अफवाह आखिरकार कहां से और कैसे शुरू हुई जिसने देखते ही देखते चार मासूम जिंदगियों को लील लिया.
आईएएनएस/हिंदी पोस्ट डॉट इन
