कब्रों से गायब हो रहे सिर, महिलाओं के शवों से छेड़छाड़, रहस्यमयी घटनाओं से दहशत में इलाकाई लोग, क्या है मामला ?

Desecration of graves

सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

The Hindi Post

कब्रों से गायब हो रहे सिर, महिलाओं के शवों से छेड़छाड़, रहस्यमयी घटनाओं से दहशत में इलाकाई लोग, क्या है मामला ?

 

बालोद जिले (छत्तीसगढ़) के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रनचिरई थाना के हल्दी चौकी क्षेत्र के ग्राम माहुद/बी में कब्रों से लगातार हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. एक मासूम बच्चे की कब्र खोदकर शव का सिर गायब किए जाने और हाल ही में एक महिला की कब्र से छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.

सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण करीब 14 अलग-अलग वाहनों में सवार होकर बालोद कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की.

कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश गेट के पास पुलिस ने ग्रामीणों को रोक दिया, जहां मौके पर सयुंक्त कलेक्टर, डीएसपी सहित पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी मौजूद रहे. घंटों उनके और ग्रामीणों के बीच चर्चा होती रही, वही अधिकारी ग्रामीणों को कार्यवाही का आश्वासन देते हुए समझाइश देते रहें.

ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मामले का तत्काल खुलासा, दोषियों की गिरफ्तारी और हल्दी चौकी प्रभारी लता तिवारी पर कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले की जांच में लगातार लापरवाही बरत रही है और अब तक किसी भी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी है.

ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ माह पहले गांव के एक मासूम बच्चे की कब्र खोदकर शव का सिर गायब कर दिया गया था. इस घटना के बाद गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया था. वहीं अब हाल ही में गांव की एक महिला की कब्र से भी छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया.

ग्रामीण इन घटनाओं को जादू-टोना और तांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर देख रहे हैं. सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

कलेक्ट्रेट में अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौटने लगे. लेकिन वापसी के दौरान बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग पर टेकापार के पास नया विवाद खड़ा हो गया.

बताया जा रहा है कि यातायात विभाग की टीम ने 3 मालवाहक वाहनों (ट्रैक्टर) में यात्रियों को बैठाकर ले जाने पर कार्रवाई के लिए ग्रामीणों की गाड़ियां रोक लीं. इससे नाराज ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए और देखते ही देखते बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग पर लंबा चक्काजाम लग गया. करीब डेढ़ घंटे तक चले इस सड़कजाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सड़क पर अफरा-तफरी और तनावपूर्ण माहौल बन गया.

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी. अधिकारियों ने ग्रामीणों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए चेतावनी देकर छोड़ने और चालानी कार्रवाई नहीं करने की बात कही.

काफी देर तक चली बातचीत के बाद ग्रामीण शांत हुए और चक्काजाम समाप्त कर अपने गांव लौट गए. फिलहाल ग्राम माहुद/बी में कब्रों से छेड़छाड़ की घटनाओं का रहस्य बरकरार है. लगातार हो रही इन घटनाओं ने गांव में दहशत का माहौल बना दिया है.

वहीं कलेक्ट्रेट से शुरू हुआ ग्रामीणों का विरोध हाईवे पर चक्काजाम तक पहुंच गया, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.


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