ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, हाई कोर्ट ने दिया यह आदेश

Twisha Sharma Death Case 3 (1)

फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, हाई कोर्ट ने दिया यह आदेश

 

जबलपुर/भोपाल | भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है. दरअसल, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मृतका ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम (Second Autopsy) कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) के डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा किया जाएगा.

ट्विशा के परिवार वालों ने पहले निचली अदालत से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था. इसके बाद परिवार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने यह बड़ा आदेश दिया.

ट्विशा के परिजनों का तर्क था कि पहले पोस्टमार्टम में कई विसंगतियां और प्रक्रियात्मक खामियां थीं जिससे निष्पक्ष जांच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

हाई कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी चिकित्सा व फॉरेंसिक साक्ष्यों को पूरी तरह सुरक्षित रखें और दिल्ली एम्स की टीम को पूरा सहयोग प्रदान करें. इसके साथ ही, कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज—जिसमें पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अब तक की जांच रिपोर्ट शामिल है—एम्स के विशेषज्ञों को सौंपने का आदेश दिया. अदालत ने टिप्पणी की कि मामले की गंभीरता और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को देखते हुए एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच कराया जाना न्याय के हित में बेहद जरूरी है.

क्या है पूरा मामला और परिजनों के आरोप?

ट्विशा शर्मा का शव बीती 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाग मुगालिया एक्सटेंशन स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. मृतका के परिजनों ने अपनी याचिका में शुरुआती पुलिस जांच पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं:

• FIR में देरी: परिजनों का दावा है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद पुलिस ने मौत के तीन दिन बाद एफआईआर (FIR) दर्ज की.
• पोस्टमार्टम पर सवाल: परिजनों के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस सामग्री (फंदे) से लटकने की बात कही जा रही है, वह जांच के समय डॉक्टरों को उपलब्ध ही नहीं कराई गई थी.
• हाईट का अंतर: एक और बड़ा मुद्दा जो कोर्ट के सामने आया, वह यह था कि पुलिस की जांच रिपोर्ट और डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई (Height) के आंकड़ों में बड़ा अंतर था.

रिटायर्ड जज भी हैं नामजद आरोपी

ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आने के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर में ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश (Retired Judge) गिरिबाला सिंह को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया है.

इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार पहले ही इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश कर चुकी है, और मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने की प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं जारी हैं.

 

 


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