बंगाल में शपथ ग्रहण की तारीख तय, सीएम के नाम पर अब भी सस्पेंस, सुवेंदु अधिकारी के साथ रेस में ये नाम भी शामिल….
फोटो क्रेडिट : आईएएनएस
बंगाल में शपथ ग्रहण की तारीख तय, सीएम के नाम पर अब भी सस्पेंस, सुवेंदु अधिकारी के साथ रेस में ये नाम भी शामिल….
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ऐलान किया है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई (टैगोर जयंती) को होगा. कोलकाता में आयोजन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह राज भवन या किसी बड़े सार्वजनिक स्थल पर आयोजित हो सकता है. कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए वीवीआईपी मेहमानों की सूची और सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
शपथ की तारीख तय होने के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं है. पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा जारी है और अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे सुवेंदु अधिकारी का नाम माना जा रहा है, जिन्होंने चुनाव में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा समिक भट्टाचार्य भी एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. साथ ही, भाजपा की रणनीति को देखते हुए किसी ‘सरप्राइज’ चेहरे की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा.
सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय नेतृत्व राज्य के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए CM का चयन करना चाहता है. शपथ की तारीख तय होना इस बात का संकेत है कि सरकार गठन को लेकर तस्वीर लगभग साफ है, बस नाम की औपचारिक घोषणा बाकी है.
अटकलें हैं कि अगले 48 घंटों में विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी. इसके बाद आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है.
दिलचस्प बात यह है कि 9 मई 2026 को ही महान कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) की जयंती भी है. बंगाली कैलेंडर के अनुसार इस दिन ‘पोचीशे बोइशाख’ मनाया जाता है, जो राज्य में सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जाता है.
जहां पूरे भारत में टैगोर जयंती 7 मई को मनाई जाती है, वहीं पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में इसे पारंपरिक रूप से 25 बैशाख को मनाया जाता है. 2026 में यह तिथि 9 मई को पड़ रही है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ गया है. टैगोर जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में सार्वजनिक अवकाश रहता है. इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कविताओं और गीतों के जरिए रवीन्द्रनाथ टैगोर को याद किया जाता है. बता दें कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. 9 मई को शपथ ग्रहण तय हो चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है. अब सभी की नजरें केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा.
