भारत पर मंडरा रहा सल्फर समेत कई खतरनाक रसायन वाली ‘ब्लैक रेन’ का खतरा !, राज्य सभा में उठा मुददा, देर हुई तो……

black rain

सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)

The Hindi Post

भारत पर मंडरा रहा सल्फर समेत कई खतरनाक रसायन वाली ‘ब्लैक रेन’ का खतरा, राज्य सभा में उठा मुददा, देर हुई तो……

 

नई दिल्ली | मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध का विषय सोमवार को राज्यसभा में उठाया गया. ईरान-इजरायल युद्ध के गंभीर प्रभावों पर बात करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसे एक एक गंभीर वैश्विक और पर्यावरणीय मुद्दा बताया.

उन्होंने कहा कि यह युद्ध अब एक महीने से अधिक समय से जारी है और इसके परिणाम केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहे हैं. इस युद्ध के कारण विश्व में कई तरह के संकट उत्पन्न हुए हैं. संजय राउत ने कहा कि इस युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन और एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं का संकट गहराता जा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इससे भी बड़ा खतरा पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है जो धीरे-धीरे भारत की ओर बढ़ सकता है.

उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण ईरान में उपजे काले बादल बम के बराबर ही खतरनाक हैं. उन्होंने कहा कि भले ही भारत पर मिसाइल या बम नहीं गिर रहे हों लेकिन ईरान के ऊपर छाए ‘काले बादल’ भारत के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में एयर स्ट्राइक (हवाई हमलों) के कारण ऑयल रिफाइनरी और गैस भंडारों में भीषण आग लगी है जिससे भारी मात्रा में जहरीला धुआं वातावरण में फैल गया है.

संजय राउत ने कहा कि इस धुएं में सल्फर, नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य खतरनाक रसायन शामिल हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने ब्लैक रेन व इससे होने वाले स्वास्थ्य संकट की ओर भी ध्यान आकर्षित किया. शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि ईरान के कुछ हिस्सों में ‘ब्लैक रेन’ यानी काली बारिश की घटनाए सामने आई हैं जो विषैले तत्वों से भरी हुई है.

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनियों का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थिति मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकती है. उन्होंने विशेषज्ञों के हवाले से आशंका जताई कि यह प्रदूषण देशों की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा. भविष्य में भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे कि गुजरात, राजस्थान और पंजाब पर इसका प्रभाव पड़ सकता है. इससे न केवल वायु गुणवत्ता खराब हो सकती है बल्कि एसिड रेन का खतरा भी बढ़ सकता है जिससे फसलें बर्बाद होने, मिट्टी के दूषित होने और लोगों में सांस संबंधी बीमारियां तथा कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं के बढ़ने की आशंका है.

उन्होंने इस विषय में सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है. राउत ने कहा कि इस मामले में पर्यावरण विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाए. इस समिति द्वारा भारत पर संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किया जाए. खास तौर पर भारत के पश्चिमी राज्यों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए. अलर्ट सिस्टम तैयार रखा जाए. उन्होंने कहा कि भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस पर्यावरणीय संकट के खिलाफ आवाज भी उठाई जानी चाहिए ताकि युद्ध जल्दी समाप्त हो.

राज्यसभा में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व एशिया में चल रहा यह युद्ध अब केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक पर्यावरण और स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है. उन्होंने कहा कि “ये काले बादल केवल तेहरान के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा हैं. अगर अभी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बहुत देर हो सकती है.” राउत का कहना था कि युद्ध का प्रभाव केवल संबंधित देशों की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ये प्रभाव सीमाओं के पार पर्यावरण, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के माध्यम से दुनिया के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं.

आईएएनएस

ईरान में एयर स्ट्राइक से फैल रहा जहरीला धुआं, ब्लैक रेन हो सकती है खतरनाक संजय राउत


The Hindi Post
error: Content is protected !!