बहरीन में भारतीय जासूस के पकड़े जाने की खबर पर विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
“बहरीन में पकड़े गए भारतीय जासूस, मोसाद के लिए….”, अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग के बीच आई खबर पर विदेश मंत्रालय ने दी बहुत बड़ी जानकारी……
नई दिल्ली | अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग लड़ रहे है. इस बीच फर्जी खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. एमईए (MEA) ने बहरीन से जुड़ी एक खबर का फैक्ट चेक किया है. इसमें यह कहा गया कि बहरीन ने एक भारतीय जासूस को पकड़ा है और उस पर मोसाद के लिए काम करने का आरोप लगाया है.
एमईए फैक्ट चेक ने कहा कि यह फेक न्यूज है. कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सावधान रहें.
फर्जी खबर में कहा गया, “बहरीन ने एक भारतीय जासूस को पकड़ा है. उस पर मोसाद के लिए काम करने का देशद्रोह का आरोप लगाया है. सभी भारतीयों पर तुरंत बैन लगाया जाए और उन्हें देश निकाला दिया जाए.”
इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी एक डीपफेक वीडियो सामने आया लेकिन पीआईबी ने इसका फैक्ट चेक किया. पीआईबी ने वीडियो को फर्जी बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर का एक डिजिटली छेड़छाड़ किया गया वीडियो साझा कर रहे हैं. इसमें झूठे दावे किए गए हैं कि उन्होंने कहा कि भारत मुस्लिम देशों द्वारा इजरायल को परेशान किए जाने को बर्दाश्त नहीं करेगा और इजरायल ने हाल ही में भारत के कहने पर अफगान तालिबान को 3 बिलियन डॉलर दिए हैं. सावधान यह एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है जिसे लोगों को गुमराह करने के लिए शेयर किया गया है.”
डीपफेक वीडियो में विदेश मंत्री के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने के बाद ये कहते हुए सुना जा सकता है, “जिन देशों को दबाया जाता है, भारत हमेशा उन देशों के साथ खड़ा रहा है. इजरायल को सबसे ज्यादा दबाया गया है. ईरान और अन्य मुस्लिम देशों ने उसे लगातार परेशान किया है. भारत चुपचाप सभी मुस्लिम देशों को इजरायल को परेशान करते हुए नहीं देखेगा. हम गर्व से इजरायल के साथ खड़े हैं. जो कोई भी इसके उलट सोचता है, उसका पाकिस्तान जाने का स्वागत है क्योंकि भारत इजरायल के लिए किसी भी तरह की नफरत को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. इजरायल ने हाल ही में भारत के कहने पर अफगान तालिबान को तीन बिलियन डॉलर की मदद दी है. हम उनका यह एहसान कभी नहीं चुका सकते. हमारा अगला टारगेट अब पाकिस्तान है.”
ओरिजिनल वीडियो में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर कहते हैं, “विदेश मंत्रालय ने इराक की गैर-जरूरी यात्रा से क्यों परहेज किया है? जो लोग पहले से वहां रह रहे हैं, उनसे दूतावास में रजिस्टर करने, सही प्रक्रिया अपनाने और दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर नजर रखने की अपील की गई है.”
IANS
फैक्ट चेक: बहरीन में भारतीय जासूस के पकड़े जाने की खबर गलत, विदेश मंत्रालय ने खोली पोल