मिट्टी का ढेर गिरने से 7 श्रमिकों की मौत, 10 लोगों के फंसे होने की आशंका, बचाव अभियान जारी

mud collapses in Gurugram 7 killed (1)
The Hindi Post

मिट्टी का ढेर गिरने से 7 श्रमिकों की मौत, 10 लोगों के फंसे होने की आशंका, बचाव अभियान जारी

 

नई दिल्ली | गुरुग्राम में सोमवार शाम को एक निर्माण स्थल पर मिट्टी का एक बड़ा ढेर गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि चार मजदूर घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी भी मलबे में 10 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक निर्माण स्थल पर घटी, जहां आगामी आवासीय परियोजना के लिए एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है. बताया जाता है कि दीवार गिरने के बाद इमारत के तहखाने में मिट्टी का एक बड़ा धंसाव हुआ, जिसके कारण यह हादसा हुआ. पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा दल और दमकलकर्मियों द्वारा बचाव अभियान जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना सोमवार शाम 7:30 से 8:00 बजे के बीच गुरुग्राम-रेवाड़ी सीमा के पास हुई. हालांकि, पुलिस को घटना की सूचना रात 9:15 बजे के बाद ही मिली, जब एक अस्पताल ने कई लोगों के हताहत होने की सूचना दी.

पुलिस उपायुक्त (मानेसर) दीपक कुमार ज्वारिया ने हादसे की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में पांच श्रमिकों जब अस्पताल लाया गया था तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. अन्य की मौत की पुष्टि बाद में घटनास्थल पर ही हुई.

उन्होंने कहा, “पुलिस को रात 9.15 बजे के बाद अस्पताल से घटना की सूचना मिली, जहां पांच लोगों की मौत की खबर मिली थी. बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया.”

निर्माण स्थल पर मौजूद बचे हुए लोगों और ठेकेदारों ने पुलिस को बताया कि जब इमारत गिरी तब कई मजदूर तहखाने में थे. उन्होंने दावा किया कि कम से कम 10 और मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं.

घटना के बाद, नागरिक सुरक्षा दल, दमकलकर्मी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के कर्मियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया. मलबा हटाने और फंसे हुए श्रमिकों की तलाश के लिए भारी मशीनरी, ऊंचे खंभों पर लगी बत्तियां और अन्य उपकरण तैनात किए गए.

पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बचाव कार्य की निगरानी और उसमें तेजी लाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे.

अधिकारियों ने बताया कि मृत श्रमिकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. उन्होंने आगे कहा कि यदि मृतक या घायल श्रमिकों के परिवारों से शिकायतें प्राप्त होती हैं तो एफआईआर दर्ज की जा सकती है. घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी था.

 


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