जिंदगी बचाने की आखिरी उम्मीद भी टूटी: दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, मरीज, डॉक्टर, पायलट समेत सात की मौत
मृतकों के परिजन रोते-बिलखते हुए (फोटो: आईएएनएस)
जिंदगी बचाने की आखिरी उम्मीद भी टूटी: दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, मरीज, डॉक्टर, पायलट समेत सात की मौत
रांची | झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के करमाटांड के पास वन क्षेत्र में उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद 23 फरवरी की शाम को दुर्घटनाग्रस्त हो गई. एयर एंबुलेंस में कुल 7 लोग सवार थे, जिसमें एक डॉक्टर, 1 पैरामेडिक, 2 अटेंडेंट, 1 पायलट और 1 को-पायलट थे. सभी लोगों के मारे जाने की सूचना है. मौके पर पहुंचे ग्रामीण और परिजनों ने हादसे के बारे में बताया.
यह एयर एंबुलेंस संजय कुमार नामक मरीज को दिल्ली ले जाने के लिए किराए पर बुक कराया गया था. झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा निवासी होटल संचालक संजय कुमार 16 फरवरी को आग से 55 प्रतिशत तक झुलस गए थे और रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा था. उनके साथ उनकी पत्नी, भांजे के अलावा एक डॉक्टर और एक पैरा मेडिकल स्टाफ थे.
सदर अस्पताल के अधीक्षक पंकज कुमार ने बताया, “हमें एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की सूचना मिली, इसलिए हम घटनास्थल पर गए. जब हम वहां पहुंचे तो एयर एम्बुलेंस में सवार सभी लोग मृत पाए गए. लेकिन अभी तक मृतकों की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है.”
रांची के देव कमल अस्पताल के फ्रंट ऑफिस इंचार्ज श्याम कुमार ने बताया कि मरीज संजय कुमार को 16 फरवरी को लगभग 65 प्रतिशत जलने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिवार ने बेहतर इलाज के लिए संजय को दिल्ली ले जाने का फैसला किया था. शाम को परिजन मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लेकर निकले थे.
मृतक संजय साहू के बड़े भाई विजय कहते हैं, “मेरे भाई की हालत काफी बिगड़ गई थी. इसलिए हम उन्हें इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जा रहे थे. विमान क्रैश की जानकारी हमें मीडिया से मिली.”
मृतक के मामा ने कहा, “मेरा भतीजा संजय आग से झुलस गया था और उसे रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसकी हालत में वहां सुधार नहीं हुआ, इसलिए हमने उसे इलाज के लिए दिल्ली ले जाने के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की. एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें संजय और उसकी पत्नी और एक परिजन के साथ 2 डॉक्टर और पायलट की मौत होने की जानकारी मिली है.”
एक स्थानीय युवक ने बताया, “वह छत पर खड़ा था तभी अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई. हमें लगा कि कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा. जब हम घटनास्थल पर पहुंचे तो हमने देखा कि विमान गिर चुका था और संभवतः उसमें सवार छह लोगों की मौत हो गई थी.” एक अन्य युवक ने बताया कि उसका घर घटनास्थल से 3.5 किमी दूर है. हम लोगों को एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी. हम लोग इसके बारे में चर्चा ही कर रहे थे तभी पता चला कि विमान क्रैश हो गया है.”
जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल ने ग्रामीणों के सहयोग से सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो मलबे से सात शव बरामद हुए. घटना के बाद चतरा की उपायुक्त कीर्ति श्री, एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार और सिमरिया एसडीओ महेश्वरी यादव समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है. नागरिक उड्डयन विभाग ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है.
डीजीसीए ने एक बयान जारी कर कहा कि रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी90 विमान रांची-दिल्ली मार्ग पर एयर एम्बुलेंस के तौर पर उड़ान संचालित कर रहा था. यह विमान झारखंड के चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में दो चालक दल के सदस्यों सहित सात लोग सवार थे. विमान ने भारतीय समयानुसार 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी. कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान ने खराब मौसम के कारण मार्ग परिवर्तन का अनुरोध किया. भारतीय समयानुसार 7:34 बजे विमान का कोलकाता से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में संचार और रडार संपर्क टूट गया.
IANS
