केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से 7 मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका
आग की वजह से फैक्टी के ऊपर और आस-पास धुंए का विशाल गुबार नजर आया / (फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया)
बंद फैक्ट्री के अंदर धमाकों के बाद लगी भीषण आग, 7 जिंदा जले…..
भिवाड़ी (राजस्थान) के खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से सात श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है.
अचानक भड़की आग ने मचाई तबाही
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 9:30 बजे प्लॉट नंबर G-1-118 B स्थित एक निजी औद्योगिक इकाई में हुआ. जिस समय आग लगी, कारखाने के भीतर लगभग 25 श्रमिक मौजूद थे. आग इतनी तेजी से फैली कि चंद मिनटों में ही फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया. इससे श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला.
रेस्क्यू ऑपरेशन और दमकल की कार्रवाई
रीको (RIICO) फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 9:22 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से इस घटना की सूचना मिली जिसके बाद खुशखेड़ा और भिवाड़ी दमकल केंद्रों से गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं. दमकलकर्मियों ने लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस गश्त के दौरान सबसे पहले धुंआ उठता देखा गया, जिसके बाद तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया. आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बरामद किए गए कई शव बुरी तरह झुलस चुके थे. घायल श्रमिकों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
राजस्थान के भिवाड़ी में एक केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई. इस दौरान हादसे में 7 मजदूरों की जल कर मौत हो गई. फिलहाल घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.#rajasthan pic.twitter.com/35gSIV8vml
— Versha Singh (@Vershasingh26) February 16, 2026
जांच और सुरक्षा पर सवाल
हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. तिजारा के पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह और वरिष्ठ जिला अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ताकि सुरक्षा मानकों में हुई किसी भी तरह की लापरवाही का पता लगाया जा सके.
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस त्रासदी पर राजनीति भी शुरू हो गई है. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोगों की जान बचाने के प्रति गंभीर नहीं है. उन्होंने हाल की अन्य घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल उठाए.
IANS/Hindi Post Dot In
