विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन: प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया, उन्होंने क्या देखा ?

plane crash kills Ajit Pawar (1)

फोटो: आईएएनएस

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विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन: प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया, उन्होंने क्या देखा ?

 

बारामती | महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार — जिन्हें प्यार से ‘दादा’ कहा जाता था और जो अपनी ऊर्जा व अनुशासन के लिए जाने जाते थे — का बुधवार को बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया. यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब वह पुणे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच राजनीतिक सभाओं को संबोधित करने के लिए बारामती (महाराष्ट्र) जा रहे थे.

जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार, विमान लैंड होने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए. अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई.

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, हादसे में विदिप जाधव और पिंकी माली (पीएसओ और अटेंडेंट), तथा दो क्रू मेंबर — कैप्टन सुमित कपूर और कैप्टन शंभवी पाठक — की भी मौत हो गई है. हादसे के बाद अजित पवार और अन्य घायलों को गंभीर हालत में बारामती में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया.

बारामती हवाई अड्डे के पास मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री को ले जा रहा विमान हवा में कुछ अस्थिर दिखाई दे रहा था और जमीन पर गिरते ही उसमें जोरदार विस्फोट हो गया. मराठी समाचार चैनल से बातचीत में महिला ने कहा, “सुबह का समय था. मैंने विमान को हवाई अड्डे के ऊपर चक्कर लगाते हुए देखा. जब वह रनवे पर उतरने के लिए नीचे आया तो जमीन से टकरा गया और उसमें विस्फोट हो गया. धमाके की आवाज हमारे घर तक सुनाई दी.”

उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद विमान के कई टुकड़े उछलकर हवा में फैल गए जिनमें से कुछ उनके घर के पास आकर गिरे. उन्होंने कहा, “नीचे गिरने से पहले विमान एक तरफ झुक गया था. हमने विस्फोट होते देखा — वह दृश्य बेहद भयावह था.”

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि नीचे उतरते समय विमान पर से नियंत्रण छूटता हुआ लग रहा था. उन्होंने कहा, “जिस तरह से विमान नीचे आ रहा था, हमें लगा कि यह निश्चित रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा. वह रनवे से करीब 100 फीट ऊपर था. जैसे ही हम उसकी ओर दौड़े, हमें आग की लपटें दिखीं और फिर लगातार चार-पांच जोरदार धमाके हुए. इस कारण हम विमान के पास नहीं जा सके.”

उन्होंने आगे कहा, “आग बहुत भीषण थी. बाद में हमें पता चला कि विमान में पवार साहब सवार थे. यह सब हमारे लिए बेहद चौंकाने वाला था.”

 


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