आधी रात को भूकंप के झटकों से दहशत, दर्ज हुई 5.3 की तीव्रता, बर्तनों की खड़खड़ाहट सुनकर जागे लोग
सांकेतिक तस्वीर
आधी रात को भूकंप के झटकों से दहशत, दर्ज हुई 5.3 की तीव्रता, बर्तनों की खड़खड़ाहट सुनकर जागे लोग
श्रीनगर | जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.3 आंकी गई और इसका केंद्र ताजिकिस्तान में था. जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
स्थानीय मौसम विभाग के डायरेक्टर मुख्तार अहमद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि गुरुवार की मध्य रात्रि 2.44 बजे रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में था और यह धरती की सतह से 110 किलोमीटर अंदर आया. इसके कोऑर्डिनेट्स 38.26 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 73.42 डिग्री पूर्वी देशांतर थे.
उन्होंने आगे कहा, “जम्मू-कश्मीर में भी झटके महसूस किए गए, हालांकि अभी तक कहीं से भी किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है.”
कश्मीर के गांदरबल जिले के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों ने बताया कि रसोई के बर्तनों की खड़खड़ाहट से उनकी नींद खुली और तब उन्हें पता चला कि भूकंप आया है.
कश्मीर भूकंप के लिहाज से भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है. पहले भी यहां भूकंप ने तबाही मचाई है.
8 अक्टूबर 2005 को सुबह 8.50 बजे रिक्टर स्केल पर 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ़्फ़राबाद शहर से 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था.
उस भूकंप में 80,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि मुजफ्फराबाद शहर पूरी तरह से तबाह हो गया था. जम्मू-कश्मीर में भी हजारों इमारतों को उस भूकंप से नुकसान हुआ था. इसके बाद लगभग एक महीने तक भूकंप के झटके आते रहे.
कश्मीर का इतिहास भूकंपों से हुई तबाही से भरा पड़ा है. कश्मीर घाटी में 1555 में 7.6 तीव्रता का भूकंप, 1669 में 7 तीव्रता का, 1779 में 7.5 तीव्रता का, 1885 में 7.5 तीव्रता का भूकंप शामिल हैं. इनके विनाशकारी प्रभाव हुए थे.
1885 का भूकंप जिसे बारामूला भूकंप के नाम से भी जाना जाता है, 30 मई को श्रीनगर में आया था. इसकी अनुमानित तीव्रता 6.3 – 6.8 थी. इसमें कम से कम 3,081 लोग मारे गए थे और झटकों से भारी नुकसान हुआ था.
IANS
