इस बैंक में हुआ 2,434 करोड़ का लोन फ्रॉड, बड़ी जानकारी आई सामने
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इस बैंक में हुआ 2,434 करोड़ का लोन फ्रॉड, बड़ी जानकारी आई सामने
नई दिल्ली | पंजाब नेशनल बैंक ने SREI इक्विपमेंट फाइनेंस और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस के पूर्व प्रमोटरों द्वारा किए गए 2,434 करोड़ रुपये के कथित ऋण घोटाले को आधिकारिक रूप से धोखाधड़ी (फ्रॉड) घोषित किया है.
देर शाम स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में पंजाब नेशनल बैंक ने कहा कि सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 और बैंक की मैटेरियल इवेंट्स/सूचना की रिपोर्टिंग नीति के प्रावधानों के अनुरूप यह जानकारी दी जा रही है कि बैंक ने भारतीय रिज़र्व बैंक को Srei Equipment Finance और Srei Infrastructure Finance के पूर्व प्रमोटरों के खिलाफ उधारकर्ता धोखाधड़ी (Borrowal Fraud) की रिपोर्ट दर्ज कराई है.
पंजाब नेशनल बैंक ने बताया कि कुल कथित धोखाधड़ी वाले कर्ज में से 1,240.94 करोड़ रुपये Srei Equipment Finance से जुड़े हैं, जबकि शेष 1,193.06 करोड़ रुपये Srei Infrastructure Finance से संबंधित हैं.
पंजाब नेशनल बैंक ने यह भी बताया कि इन दोनों ऋण खातों के लिए 100 प्रतिशत प्रावधान किया जा चुका है. बैंक के अनुसार, इन खातों को धोखाधड़ी घोषित करने का निर्णय फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर लिया गया है. बैंक ने कहा कि इन दोनों खातों को धोखाधड़ी घोषित करने का फैसला फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर लिया गया है. ऑडिट में संबद्ध पक्षों को ऋण दिए जाने और ऋणों के संभावित एवरग्रीनिंग जैसी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं.
हालांकि, Srei समूह ने धोखाधड़ी घोषित करने के आधार के रूप में फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट को चुनौती दी है और कहा है कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन (sub judice) है.

इसके अलावा पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसे अन्य बैंकों ने भी इससे पहले Srei कंपनियों से जुड़े ऋण खातों को धोखाधड़ी घोषित किया था.
Srei समूह वर्ष 2021 से दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रहा है. 2023 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना को स्वीकृति दी थी.
इससे पहले, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अक्टूबर 2021 में समूह को एनसीएलटी के समक्ष भेजा था. यह तब की बात है जब नियामक को कॉरपोरेट गवर्नेंस में गंभीर खामियां और भुगतान में चूक का पता चला था. इसके बाद आरबीआई ने Srei Infrastructure Finance और Srei Equipment Finance के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भंग कर दिया था.
फरवरी 2023 में नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL), Srei Infrastructure Finance (SIFL) और Srei Equipment Finance (SEFL) के लिए सफल बोलीदाता के रूप में उभरी थी. इन कंपनियों पर पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल 32,750 करोड़ रुपये का बकाया था.
नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) ने फरवरी 2023 में बोली जीतने के बाद अगस्त 2023 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से मंजूरी प्राप्त की थी और जनवरी 2024 तक अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया था.
By IANS
