किस विटामिन की कमी से जूझ रहा आपका शरीर, इन संकेतों की अनदेखी तो नहीं कर रहे?

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नई दिल्ली | शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन उतने ही आवश्यक हैं जितना भोजन, पानी और हवा. हड्डी, त्वचा से लेकर मांसपेशियों और शरीर के हर एक अंग के लिए विटामिन मायने रखता है. विटामिन की कमी धीरे-धीरे अपना असर दिखाती है. शुरुआती छोटे लक्षणों को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में सावधानी ही बचाव है.

विटामिन की कमी का होना सेहत के लिए नुकसानदेह है. हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि समय पर इन संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का इशारा हो सकते हैं. बिना ब्लड टेस्ट के भी शरीर के इन संकेतों से विटामिन की कमी का अंदाजा लगाया जा सकता है.

विटामिन की कमी मुख्य रूप से गलत और असंतुलित आहार, जंक फूड और प्रोसेस्ड भोजन के अधिक सेवन, कमजोर पाचन, धूप में कम समय बिताने, लंबे समय तक दवाएं लेने, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण होती है. हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि हर विटामिन की कमी कुछ संकेत देती है.

विटामिन बी12 की कमी होने पर बार-बार थकान महसूस होना, हाथ-पैरों में झनझनाहट, याददाश्त का कमजोर पड़ना, चक्कर आना, जीभ पर जलन या लालिमा और मूड का जल्दी बदलना शामिल है.

विटामिन डी की कमी होने पर हड्डियों और जोड़ों में दर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होने के साथ ही व्यक्ति जल्दी थक जाता है. जो लोग धूप में कम रहते हैं, उनमें अक्सर ये शिकायत होती है. वहीं, मसूड़ों से खून आना, घाव का देर से भरना, रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना, बार-बार सर्दी-जुकाम लगना और त्वचा का रूखा व बेजान हो जाना विटामिन सी की कमी के संकेत हैं.

विटामिन ए की कमी के लक्षणों में रात में कम दिखाई देना (नाइट ब्लाइंडनेस), आंखों में सूखापन, त्वचा का रूखा होना और संक्रमण का जल्दी हो जाना है. विटामिन ई की कमी होने पर त्वचा में रूखापन, बालों का अधिक झड़ना, मांसपेशियों में कमजोरी और नर्व संबंधी समस्याएं शामिल हैं.

विटामिन की कमी को आयुर्वेद धातु क्षय और अग्नि मंदता से जोड़ता है. जब पाचन शक्ति कमजोर होती है, तो भोजन से पोषक तत्व ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते. इसलिए आयुर्वेद सलाह देता है कि केवल खाना ही काफी नहीं, उसे ठीक से पचाना भी जरूरी है. वहीं, आधुनिक चिकित्सा के अनुसार, विटामिन की कमी का सटीक पता ब्लड टेस्ट से लगता है. लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए और बिना सलाह के सप्लीमेंट नहीं लेनी चाहिए.

विशेषज्ञों की सलाह है कि संतुलित आहार, पर्याप्त धूप और नियमित दिनचर्या अपनाकर विटामिन की कमी से आसानी से बचा जा सकता है, हालांकि हर थकान या कमजोरी को विटामिन की कमी न समझें. यदि लक्षण लंबे समय से दिख रहे है तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए.

 


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