वृद्धाश्रम में हुई मां की मौत, बेटे ने शव लेने से किया इंकार, कहा- “फ्रीजर में रखवा दो लाश, अभी……”
सांकेतिक तस्वीर (AI Photo - ChatGPT)
वृद्धाश्रम में हुई मां की मौत, बेटे ने शव लेने से किया इंकार, कहा- “फ्रीजर में रखवा दो लाश, अभी……”
गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज क्षेत्र से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है जहां मां की मृत्यु के बाद बड़े बेटे ने शादी की तैयारियों का हवाला देते हुए शव को घर लाने से इनकार कर दिया. वृद्धाश्रम में रह रहे इस बेटे के बुजुर्ग पिता अपनी पत्नी की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए जौनपुर से गोरखपुर तक शव लेकर पहुंचे लेकिन दाह संस्कार नहीं किया गया. आखिरकार ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मिलकर महिला को घाट के पास दफना दिया.
मिली जानकारी के अनुसार, भरोहियां ग्राम पंचायत निवासी भुआल गुप्ता अपनी पत्नी शोभा देवी (65) के साथ पिछले कई महीनों से जौनपुर के वृद्धाश्रम में रह रहे थे. दोनों को बड़े बेटे द्वारा कथित तौर पर घर से निकाल दिया गया था. शोभा देवी की तबीयत बिगड़ने पर वृद्धाश्रम प्रशासन ने उनका इलाज कराया लेकिन 19 नवंबर की रात उनकी हालत गंभीर हो गई और उनकी मृत्यु हो गई.
शोभा देवी के पति भुआल ने बेटे को मां के निधन की सूचना देने के लिए उसका फोन नंबर आश्रम के संचालक को दिया. छोटे बेटे (भुआल के) ने फोन उठाया और अपने बड़े भाई से मां के निधन के बारे में बात करने के बाद वृद्धाश्रम को बताया कि 23 नवंबर को भतीजे की शादी है इसलिए “चार दिन तक शव को फ्रीजर में रख दिया जाए.” यह सुनकर भुआल गुप्ता फफक पड़े और तत्काल अंतिम संस्कार करवाने का निर्णय लिया.
ग्रामीणों और बेटियों के समझाने पर वह शव लेकर गोरखपुर आए लेकिन बड़े बेटे ने कथित तौर पर शव घर में लाने से मना कर दिया. मजबूरन ग्रामीणों ने कैंपियरगंज के पास एक घाट पर शव को दफना दिया. बुजुर्ग भुआल लगातार रोते हुए कहते रहे, “मेरी पत्नी को हिंदू रीति से अग्नि नहीं मिली… मिट्टी में दफना दिया, उसे कीड़े खा जाएंगे.”
गांव में घटना को लेकर भारी नाराजगी है और सोशल मीडिया पर भी लोग बेटों के व्यवहार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. पंडितों के परामर्श पर अब आटे का पुतला बनाकर विधिपूर्वक अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है.
Hindi Post Web Desk
