खुद को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर डॉक्टर ने की खुदखुशी, सुसाइड नोट में 4 के नाम, स्नैपचैट…..

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प्रतीकात्मक फोटो (Photo: Hindi Post Dot In)

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खुद को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर डॉक्टर ने की खुदखुशी, सुसाइड नोट में 4 के नाम, स्नैपचैट…..

 

यूपी के आगरा के कमला नगर के एफ ब्लाक में शनिवार की रात दंत चिकित्सक डॉ. पीयूष सिंह (उम्र-32 साल) ने बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली. सुसाइड नोट में गोरखपुर की एक युवती और उसके परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है. कुल चार नाम लिखे हैं. तीन साल पहले उनकी स्नैपचैट पर युवती से दोस्ती हुई थी. युवती की शादी तय हो गई है. उसके परिजनों ने डॉक्टर और उनके परिजनों के खिलाफ शिकायतें की थीं. इसकी वजह से वह अवसाद में थे.

एफ ब्लाक में आदर्श नगर टीला निवासी महिपाल सिंह रिटायर जेई हैं. सीनियर सिटीजन हैं. बड़े बेटे पीयूष ने कानपुर में महाराणा प्रताप मेडिकल कॉलेज से बीडीएस किया था. कल्याणपुर में इंटर्नशिप कर रहे थे. उनके छोटे भाई आयुष सिंह ने बताया कि भाई की तीन साल पहले गोरखपुर निवासी वैश्य समाज की एक युवती से स्नैपचैट पर दोस्ती हुई थी. युवती भाई से मिलने लखनऊ आती थी. इसका पता चलने पर युवती के परिजनों ने भाई को धमकाना शुरू कर दिया. युवती की शादी तय कर दी. 25 नवंबर की शादी है. युवती के परिजन भाई को फोन करके लगातार धमका रहे थे. उसे झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देते थे. 1090 पर भाई की कई बार झूठी शिकायत की. कमला नगर पुलिस ने भी भाई और पिता को थाने बुलाया था. आयुष ने बताया कि पिछले छह माह से भाई घर पर ही रह रहे थे. अवसाद में थे. खुदकुशी करने की बात करते थे. उन्हें लगता था कि उनकी वजह से पिता भी परेशान हो रहे हैं. शनिवार रात 12 बजे वह भाई के कमरे में गया. भाई फर्श पर पड़े थे. पास ही एक सीरिंज और खाली इंजेक्शन की शीशी पड़ी थी. शोर मचाया. पड़ोसियों की मदद से भाई को निजी अस्पताल लेकर पहुंचा. वहां से उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया. वहां डॉक्टरों ने बिजली के झटके दिए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

कमला नगर निवासी दंत चिकित्सक डॉ. पीयूष सिंह पिछले छह माह से अवसाद में थे. कमला नगर थाना पुलिस की मानें तो उन्होंने पहले भी सुसाइड का प्रयास किया था. इस वजह से परिजन उन पर नजर रखते थे. इस बार उन्होंने जो तरीका अपनाया उसका घरवालों को अंदाजा तक नहीं था. सुसाइड नोट में डॉ. पीयूष ने युवती सहित चार लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हैं.

17 नवंबर को डॉ. पीयूष सिंह की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारियों को एक प्रार्थनापत्र भेजा था. प्रार्थनापत्र की एक प्रति थाना कमला नगर को भी दी गई थी. प्रार्थना पत्र में लिखा था कि डॉ. पीयूष सिंह और गोरखपुर की युवती मर्जी से पिछले तीन साल से रिलेशनशिप में थे. युवती की शादी घरवालों ने दूसरी जगह तय कर दी. जानकारी के बाद डॉ. पीयूष सिंह ने युवती से दूरी बना ली. इसके बावजूद उनका लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था. उन्हें दुराचार जैसे गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी. इतना ही नहीं उनके पिता को यह कहकर धमकाया गया कि बेटे का अपहरण करा लिया जाएगा. हेल्प लाइन नंबर 1090 पर झूठी शिकायतें करके डॉ. पीयूष की सामाजिक छवि धूमिल की गई. उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

इस वजह से पूरे परिवार में भय व्याप्त है. फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी अपराध है. अधिवक्ता ने अपने प्रार्थनापत्र में कई धाराओं के तहत युवती के परिजनों के खिलाफ मुकदमा लिखने की मांग की है. डॉ. पीयूष सिंह ने अपने सुसाइड नोट में युवती उसके पिता सहित चार लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हैं. साफ लिखा है कि उनकी मौत के जिम्मेदार ये लोग हैं. उन्होंने सुसाइड नोट में अपने मोबाइल का पासवर्ड भी लिखा है. लिखा है कि मोबाइल में और भी सबूत मिल जाएंगे. सुसाइड नोट में उन्होंने उस इंजेक्शन का नाम भी लिखा है जो लगाया था.

पुलिस नहीं चाहती है कि इंजेक्शन का नाम सार्वजनिक हो. डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि उस इंजेक्शन का प्रयोग सर्जरी के दौरान बेहोशी के लिए किया जाता है. पुलिस ने इंजेक्शन की खाली शीशी और सिरिंज को कब्जे में लिया है.


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