“केंद्र सरकार के इशारे पर 272 पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखा”

Rahul Gandhi Oct 29 2025 (1) (1)

फोटो: आईएएनएस

The Hindi Post

नई दिल्ली | देश की 272 हस्तियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों की कड़ी आलोचना की है. पत्र में चुनाव आयोग समेत देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी पर चिंता जताई गई है. दूसरी तरफ कांग्रेस नेता उदित राज का आरोप है कि केंद्र की मोदी सरकार ने 272 अधिकारियों, जजों, एम्बेसडरों, सेना के पूर्व अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ यह पत्र लिखवाया है.

कांग्रेस नेता उदित राज का दावा है कि इस पत्र को लिखवाने का उद्देश्य चुनाव आयोग की साख से जुड़े सवाल से बचना और विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाना है.

उदित राज ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मोदी सरकार ने 272 अधिकारियों, जजों, एम्बेसडर, सेना के अधिकारियों और वरिष्ठ नागरिकों से राहुल गांधी के खिलाफ पत्र लिखवाकर यह कहने की कोशिश की है कि वोट की डकैती करने वाले संवैधानिक संस्था, चुनाव आयोग को बदनाम किया है.”

उन्होंने आगे लिखा, “लिस्ट में दिए गए नामों के अध्ययन के बाद पता चला कि अपवाद को छोड़कर सब सवर्ण समाज के हैं. ये सब दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज और आदिवादी विरोधी हैं और मनुवाद के समर्थक. इनका विचार आरएसएस और भाजपा के चरित्र के अनुरूप है. इसलिए राहुल गांधी का पक्ष सत्य पर है और सबका कल्याणकारी है. ये मेरा निजी विचार है जो अकाट्य है.”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी

बता दें कि 272 हस्तियों ने एक सुर में राहुल गांधी की तरफ से लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने पत्र में लिखा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता ने बार-बार चुनाव आयोग पर हमला किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें जो मिला है वह एक परमाणु बम है और जब यह फटेगा, तो चुनाव आयोग के पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी. उन्होंने यह भी धमकी दी है कि चुनाव आयोग में ऊपर से नीचे तक जो भी इस काम में शामिल है, वह उसे बख्शेंगे नहीं.”

रिटायर्ड अधिकारियों ने पत्र में आगे लिखा, “इतने तीखे आरोपों के बावजूद उन्होंने निराधार आरोप और अपनी जवाबदेही से बचने के लिए निर्धारित शपथपत्र के साथ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है.”

सभी हस्तियों ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को भी सही ठहराया. उन्होंने पत्र में लिखा, “ईसीआई ने अपनी एसआईआर कार्यप्रणाली को सार्वजनिक रूप से साझा किया है. अदालत की निगरानी वाले तरीकों से सत्यापन हुआ. अयोग्य नामों को हटाया और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा है.”

इस पत्र पर सभी 272 हस्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज आदर्श कुमार गोयल और हेमंत गुप्ता के अलावा कर्नाटक के पूर्व चीफ जस्टिस और केरल, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब व दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के भी हस्ताक्षर हैं.

 


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