दिल्ली ब्लास्ट मामला : आतंकी डॉक्टरों को मिला ‘इलाज’, पेशे का हुआ ‘द एंड’, नहीं कर पाएंगे प्रैक्टिस क्योंकि…..

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फोटो क्रेडिट : आईएएनएस

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दिल्ली ब्लास्ट मामला : आतंकी डॉक्टरों को मिला ‘इलाज’, पेशे का हुआ ‘द एंड’, नहीं कर पाएंगे प्रैक्टिस क्योंकि…..

 

नई दिल्ली | राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने दिल्ली ब्लास्ट मामले से जुड़े तीन डॉक्टरों का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है. यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल की सिफारिश और जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर की गई है.

एनएमसी की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि नौगाम, श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 162/2025 में कई संदिग्धों की भूमिका सामने आई थी. इसी मामले की जांच में तीन डॉक्टरों की संलिप्तता भी उजागर हुई.

आदेश के अनुसार डॉक्टर मुजफ्फर अहमद (पंजीकरण संख्या 14680/2017), डॉक्टर अदील अहमद राठर (पंजीकरण संख्या 15892/2019) और डॉक्टर मुजमिल शकील (पंजीकरण संख्या 15130/2018), जो जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत थे, उन्हें जांच एजेंसियों द्वारा एकत्रित प्रमाणों के आधार पर इस गंभीर केस में शामिल पाया गया.

एनएमसी ने कहा कि यह आचरण चिकित्सकीय पेशे की नैतिक मान्यताओं, ईमानदारी और जनता के भरोसे के पूरी तरह प्रतिकूल है. भारतीय चिकित्सा परिषद विनियम 2002 के अध्याय 1 के क्लॉज 1.1.1 और 1.1.2 के तहत ऐसे कृत्य को गंभीर उल्लंघन माना जाता है.

जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन तीनों डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों डॉक्टरों के नाम तुरंत प्रभाव से मेडिकल प्रैक्टिशनर रजिस्टर से हटा दिए जाएं. इसके बाद वे चिकित्सा कार्य, किसी भी चिकित्सा संस्थान में नियुक्ति या मेडिकल पेशे से जुड़े किसी भी दायित्व का निर्वहन नहीं कर सकेंगे, जब तक कि आगे कोई नया आदेश जारी न हो.

बता दें कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक कार में 10 नवंबर को धमाका हुआ था. इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हो गए. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच के लिए 10 अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की है. इसमें एक आईजी, दो डीआईजी, तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं.

जांच एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं और दिल्ली भर के कई स्थानों से मोबाइल फोन डंप डेटा एकत्र कर रही हैं. साथ ही, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

IANS


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