बरेली में बवाल के बाद बुलडोजर एक्शन, तौकीर रजा के करीबी मोहसिन पर गिरी गाज, उनका बयान भी आया…., VIDEO
बरेली | इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान के करीबी सहयोगी मोहसिन रजा के घर पर मंगलवार को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई हुई. इस मामले ने स्थानीय राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया. मोहसिन रजा ने इस कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार दिया है.
उन्होंने कहा, “मेरा तौकीर रजा से कोई वास्ता नहीं है, न था. मैं 2005 में इत्तेहाद छोड़ चुका हूं. ये सब आंवला के भाजपा के जिला अध्यक्ष के कहने पर हो रहा है. इससे पहले भी ये मेरे खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज करा चुके हैं. मेरे भाई पर भी इसी के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई है. जो कुछ भी अभी हो रहा है, वह सब उन्हीं के कहने पर हो रहा है.”
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ बुलडोजर चलाना भी भाजपा के दबाव में किया गया था. इसके बाद उन्होंने कोर्ट में स्टे ले लिया और कंपाउंडिंग फीस भी जमा कर दी है.
मोहसिन रजा ने बताया कि उनके मकान का नक्शा 1971 का है और उसी समय उनका मकान बना था. उन्होंने कहा, “2024 में हमें नोटिस दिया गया था, जिसके खिलाफ मैंने कोर्ट में याचिका दायर की थी. फिलहाल मेरे पास स्टे की कॉपी है, जो मैंने संबंधित अधिकारियों को भी दे दी है.”
Bareilly, Uttar Pradesh: Bulldozer action carried out at the residence of Mohsin Raza, a close associate of the President of the Ittehad-e-Millat Council (IMC), Maulana Tauqeer Raza Khan pic.twitter.com/Z1Vp7iDZM3
— IANS (@ians_india) September 30, 2025
उन्होंने स्पष्ट किया कि 2005 के बाद उनका तौकीर रजा या आईएमसी से कोई भी संबंध नहीं है.
मोहसिन रजा ने आरोप लगाया कि बुलडोजर की यह कार्रवाई आंवला के भाजपा जिला अध्यक्ष के कहने पर की गई है. उनका कहना था कि यह पूरी घटना राजनीतिक दांव-पेंच का हिस्सा है, जिससे उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.
वहीं, प्रशासन ने इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.
