12 साल की हिंदू लड़की का जबरन कराया निकाह, अब लगा रहे उठक-बैठक, VIDEO
12 साल की हिंदू लड़की का जबरन कराया निकाह, अब लगा रहे उठक-बैठक, VIDEO
वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. इस घटना में 12 साल की एक नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा करके मौलवी ने मुस्लिम लड़के से निकाह करा दिया. इस मामले में पुलिस ने देर से ही सही, लेकिन नाबालिग लड़के निहाल, उसकी मां, पिता शरीफ उर्फ राजू, चाचा लालू और मौलवी मोहम्मद हसीन समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
पीड़ित पिता नंदू मौर्य लगभग 3 महीने तक थाने-चौकी के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई. थक-हारकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी, जिसके बाद कार्रवाई हुई. मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
Conversion jihad exposed: In Varanasi, a Maulvi allegedly converted a 13-year-old Hindu girl and got her married to a Muslim boy. After arresting the boy & his mother, police have now nabbed the Maulvi and his aides — grilling them and probing the wider network behind this gang. pic.twitter.com/SmojKaEvTA
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) September 2, 2025
पीड़ित पिता नंदू मौर्य ने अपनी शिकायत में बताया कि लगभग 3 महीने पहले उनकी 12 साल की बेटी को निहाल नाम का लड़का जबरन अपने घर उठा ले गया था. जब वह अपनी बेटी को वापस लेने गए, तो निहाल, उसके पिता शरीफ, चाचा लालू और कुछ अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब उनके मजहब की हो गई है, उसका निकाह हो चुका है और वह काफिर (नंदू मौर्य) की हत्या करके उसे जहन्नुम भेज देंगे.
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनसे थाने में ही उठक-बैठक करवाई. मौलवी मोहम्मद हसीन ने कबूल किया कि उसने 12 साल की नाबालिग का निकाह कराया था और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी. सभी पांच आरोपियों पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
एसीपी प्रज्ञा पाठक ने बताया कि पुलिस कमिश्नर को शिकायत मिलते ही तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और लड़की को बरामद करने के लिए टीम लगा दी गई. टीम ने लड़की को ढूंढ लिया. पूछताछ में पता चला कि निहाल के परिवार ने उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करवा दिया था. एसीपी ने यह भी बताया कि पीड़ित पिता पहले थाने नहीं आए थे, सीधे पुलिस कमिश्नर के पास गए, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो पाई.
