ऊपर गुजरती रही ट्रेन, नीचे ढह गई पुल की नींव का हिस्सा और फिर…, हैरान कर देगा वीडियो
ऊपर गुजरती रही ट्रेन, नीचे ढह गई पुल की नींव और फिर…, हैरान कर देगा वीडियो
चक्की दरिया में आई बाढ़ में पंजाब से सटे हिमाचल के कांगड़ा जिले के माजरा में रेलवे पुल की अप्रोच गिर गई. जिस दौरान यह हादसा हुआ, तो पुल के ऊपर से ट्रेन गुजर रही थी, यदि पुल गिर जाता तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था. पुल पर यात्रियों से भरी हुई ट्रेन गुजर रही थी, जिन्हें नीचे नदी में हो रही हलचल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
फिलहाल पुल से रेलगाड़ियां गुजर रही हैं. लेकिन यहां से दिनभर गुजरने वाली 90 रेलगाड़ियों की आवाजाही कभी भी बंद हो सकती है. क्योंकि अब चक्की पुल की अप्रोच क्षतिग्रस्त हो गई है. यहां से आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं होगा.
पुल की अप्रोच की समय रहते मरम्मत न की तो तीन राज्यों का रेल नेटवर्क बंद हो सकता है. जम्मू-कश्मीर, पंजाब व हिमाचल के लिए इस ब्रिज से होकर ही ट्रेन आवाजाही करती हैं. जम्मू-पठानकोट, जालंधर रेलवे ट्रैक पर माजरा में चक्की दरिया की बाढ़ से पुल को नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है यह नुकसान अवैध खनन के कारण हुआ है.
कांगड़ा: ऊपर चलती रही ट्रेन, नीचे ढह गया पुल का हिस्सा
ढांगू में जम्मू-दिल्ली रेलवे पुल की नींव का बड़ा हिस्सा ढह गया
हादसा टल गया, लेकिन अवैध खनन और लापरवाही के चलते यह पुल अब भी खतरे में है #himachalpradesh #viralvideo pic.twitter.com/wgX0g473au— Loveleen kaur (@loveleenchanni) July 21, 2025
जहां एक तरफ रेलवे पुल की अप्रोच को नुकसान पहुंचा है, वहीं दूसरी तरफ माजरा व एयरपोर्ट सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है. सड़क के डंगे भी बह गए हैं. जिस कारण एयरपोर्ट सहित कई पंचायतों का संपर्क फिर से कट गया है. इस सड़क पर सफर जोखिमभरा हो गया था और अब बारिश के कारण डंगे व अप्रोच बह जाने से नुकसान हुआ है.
किसी भी समय चक्की दरिया में पानी का तेज बहाव आने से इस सड़क के पूरी तरह से बह जाने से एयरपोर्ट तथा माजरा गांव का संपर्क हिमाचल तथा पठानकोट से कट सकता है. गत वर्ष भी यह सड़क चक्की दरिया के पानी के तेज बहाव में बह गई थी और 4 महीने तक माजरा गांव का संपर्क पठानकोट द हिमाचल से कट गया था. वहीं, रेलवे पुल की अप्रोच की समय रहते मरम्मत न की गई तो बड़ा नुकसान हो सकता है.
इस सड़क से माजरा गांव के साथ-साथ पंचायत सीरत, पंचायत मोटली, पंचायत डमटाल आदि की काफी आबादी रहती है. चार पंचायतों की आबादी होने के बावजूद भी इतनी बड़ी समस्या की तरफ किसी भी राजनीतिक दल ने कोई ध्यान नहीं दिया है. सड़क के डंगे के पत्थर निकल गए हैं. क्रेट बह गए हैं.
