अहमदाबाद विमान हादसे का नया वीडियो आया सामने, हॉस्टल की बालकनी से चादर के सहारे कूदते नजर आए छात्र…
प्लेन क्रैश के बाद हॉस्टल की बालकनी से छात्र कूदते नजर आए / फोटो क्रेडिट : सोशल मीडिया
अहमदाबाद एयर इंडिया के विमान हादसे से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है. जिसमें बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्र आग से जान बचने के लिए हॉस्टल की बालकनी से कूदते नजर आ रहे हैं. जहां पिछले सप्ताह एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से जुड़ी इस भयावह त्रासदी में विमान में सवार सभी 241 लोग मारे गए थे. जबकि केवल एक शख्स जीवित बचा था. जिसको लोग चमत्कार मान रहे हैं.
विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद अस्पताल के हॉस्टल से टकरा गया था, जिससे भयानक आग लग गई थी. उसी दौरान हॉस्टल में कई छात्र मौजूद थे. आग को देखते ही ये छात्र अपनी जान बचाने के लिए बालकनी से कूदने लगे. इससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश के फौरन बाद हॉस्टल से लटककर कूदने लगे छात्र-छात्राएं… देखिए ये वीडियो pic.twitter.com/nYGvRb6ETR
— अजयेंद्र राजन शुक्ल / Ajayendra Rajan Shukla 🇮🇳 (@AjayendraRS) June 17, 2025
दुर्घटनास्थल मेडिकल कॉलेज कैंटीन की थी, जहां घटना के समय छात्र दोपहर का भोजन कर रहे थे. घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में दुर्घटना के बाद भीषण आग दिखाई गई, जिसमें डॉक्टरों और छात्रों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी.
हादसे के बाद आग की लपटों से बचने के लिए रास्ता तलाशना मुश्किल हो गया. ऊंची मंजिलों पर रहने वाले कई छात्रों और कर्मचारियों के लिए बचने का एकमात्र रास्ता बालकनी से होकर ही था. लेकिन यह आसान नहीं था.
21 सेकंड के वायरल फुटेज में छात्रों को बालकनी से कूदते हुए दिखाया जा रहा है. यह उन कई वीडियो में से एक है जो भारत में इस सदी की सबसे भयानक हवाई दुर्घटनाओं में से एक के बारे में सामने आए हैं. पिछले हफ़्ते एक ऐसे ही वीडियो में एक महिला अपने नाबालिग बेटे को दुर्घटनास्थल से बचाने की बेताब कोशिश करती नज़र आई. 15 वर्षीय आकाश पाटनी की मौत हो गई, जबकि उसकी मां सीताबेन उसे बचाने की कोशिश में घायल हो गई.
एक अन्य वीडियो में एकमात्र जीवित बचे विश्वाश कुमार रमेश को दुर्घटनास्थल से बाहर निकलते हुए दिखाया गया है. 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विश्वास एअर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI171 के 11A सीट पर बैठे थे. उन्हें सफ़ेद टी-शर्ट पहने, बाएं हाथ में मोबाइल फ़ोन पकड़े हुए बाहर निकलते हुए देखा गया. स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया.
रमेश, जिन्हें अभी भी यह अविश्वसनीय लगता है कि वे कैसे बच गए. उन्होंने डीडी न्यूज को बताया कि पहले तो उन्हें लगा कि वे मरने वाले हैं, लेकिन जब उन्होंने अपनी आंखें खोलीं तो उन्हें एहसास हुआ कि वे जीवित हैं. फिर उन्होंने अपनी सीट बेल्ट खोली और दुर्घटनास्थल से बाहर निकल गए.
यह विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रहा था, जिसमें 230 यात्री, दो पायलट और 10 क्रू मेंबर सवार थे. उड़ान भरने के 32 सेकंड के भीतर ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया. गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी 241 मरने वालों में शामिल थे.
