बंदरों पर फेंकी थी कुल्हाड़ी पर कट गई मासूम की गर्दन, पिता…

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प्रतीकात्मक फोटो

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मुरादाबाद में पिता के हाथों अपने इकलौते ढाई साल बेटे की हत्या हो गई. पिता ने बंदरों को भगाने के लिए कुल्हाड़ी फेंकी, लेकिन वह बच्चे के गर्दन पर लगी. जिससे बच्चा घायल होकर तड़पने लगा. परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर भागे, लेकिन मासूम ने दम तोड़ दिया.

बच्चे की मौत के बाद माता-पिता बदहवास हैं. मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी. हालांकि पड़ोसी जिला पंचायत सदस्य और बच्चे के मौसा ने अलग-अलग कहानी सुनाई.

मौसा का दावा है कि बच्चे की जानबूझकर हत्या की गई है. पति-पत्नी में झगड़े के बाद दादा की गोद से छीनकर पिता ने बच्चे की गर्दन काट दी. वहीं, जिला पंचायत सदस्य ने कहा, बच्चे की गर्दन में सरिया (लोहे की रॉड) घुसी थी, जो बंदरों की उछलकूद में छत से गिरी थी. इससे उसकी मौत हुई.

फिलहाल, शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस ने इसे हादसा ही माना है. ये घटना मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के गांव देवापुर की है.

देवापुर गांव निवासी लाखन सैनी ई-रिक्शा चलाते हैं. परिवार में उनकी पत्नी अनीता और ढाई साल का बेटा आरव है. मंगलवार को सुबह आरव घर में ही खेल रहा था. तभी बंदरों का झुंड आ गया. लाखन को लगा कि बंदर आरव पर हमला कर सकते हैं. उसने कुल्हाड़ी लेकर बंदरों को दौड़ा लिया. वह उनको भगाने छत पर चला गया.

लाखन ने बंदरों पर कुल्हाड़ी फेंकी, जो आंगन में मौजूद आरव के गर्दन पर जाकर लगी. लाखन को अनुमान नहीं था कि आरव कमरे से बाहर निकल आया है. बेटे की चीख सुनकर सभी घर वाले मौके पर पहुंचे और बच्चे को अस्पताल ले गए. लेकिन घाव गहरा होने से उसकी रास्ते में ही मौत हो गई. इसके बाद परिवार के लोगों ने बिना पुलिस को खबर दिए शव को दफन भी कर दिया.

आंगन के खुले हिस्से में बने वाशरूम की दीवारों पर खून के छींटे पड़े थे. आरव की गर्दन से खून का फव्वारा फूट पड़ा था.

इस मामले में परिवार वालों का कहना है कि गांव में बंदरों की भरमार है. मंगलवार को भी गांव में बंदर थे. लाखन कुल्हाड़ी से बंदरों को डरा रहा था. तभी कुल्हाड़ी का बेंत निकल गया और लकड़ी लाखन के हाथ में रह गई. जबकि कुल्हाड़ी बच्चे की गर्दन पर जाकर लगी. उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.

इसी गांव में रहने वाले जेपी उर्फ जगत सिंह सैनी जिला पंचायत सदस्य हैं. उन्होंने इस घटना काे लेकर हादसे की एक नई कहानी सुनाई.

जगत सिंह ने बताया, लाखन उनके चाचा का बेटा है. लाखन के घर में टेंट का काम होता है. छत पर सरिया रखे थे. बंदरों ने छत से सरिया गिरा दिया. सरिया बच्चे के सिर पर लगा और खून बहने लगा. इलाज के लिए ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

 बच्चे की मौत की खबर पाकर लाखन सिंह के साढ़ू जितेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने दावा किया, सोमवार रात को लाखन का अपनी पत्नी अनीता से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. लाखन ने अनीता को कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा.

रात में ये झगड़ा शांत हो गया. लेकिन मंगलवार सुबह फिर से दोनों झगड़ा करने लगे. पति-पत्नी झगड़ रहे थे, उस समय दंपती का ढाई साल का बेटा आरव अपने दादा रामचंद्र की गोद में था. जितेंद्र सिंह का दावा है कि लड़ाई के दौरान लाखन ने दौड़कर बच्चे को उसके दादा की गोद से छीन लिया. उसने कुल्हाड़ी उठाई और उसने बच्चे की हत्या कर दी.

 जितेंद्र ने आरोप लगाया कि लाखन ने शायद अपनी पत्नी को डराने के लिए कुल्हाड़ी ऊपर तक उठाकर बच्चे की गर्दन की तरफ घुमाई. उसने ऐसा कई बार किया है. एक बार अचानक कुल्हाड़ी का लकड़ी का बेंत निकल गया. लकड़ी लाखन के हाथ में रह गई, जबकि कुल्हाड़ी बच्चे की गर्दन पर जाकर लगी. कुल्हाड़ी लगते ही बच्चे की गर्दन से खून का फव्वारा छूट पड़ा.

जितेंद्र का आरोप है कि पहले भी कई बार लाखन ने अपनी पत्नी अनीता को बेरहमी से पीटा है. मायके वाले शिकायत करते हैं तो परिवार वाले लाखन को पागल कहकर बात टाल देते हैं.

 कटघर इंस्पेक्टर पहली थ्योरी को सही मानते हैं. उनका कहना है कि गांव में बंदर आते रहते हैं. लाखन सिंह ने कुल्हाड़ी फेंकी तो उसका बेंत यानी की लकड़ी हाथ में रह गई. जबकि लोहे का हिस्सा यानी कुल्हाड़ी बच्चे के लग गई. खून बहने लगा. परिजन निजी चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

 


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