‘एक बार जो मैंने कमिट किया फिर मैं….. ‘, एयर चीफ मार्शल के शब्द सुन खौफ में आ जाएगा पाकिस्तान

Air chief marshal ap singh

सीआईआई बिजनेस समिट में बोलते एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (फोटो क्रेडिट: IANS)

The Hindi Post

नई दिल्ली | पाकिस्तान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए तगड़ी चोट देने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय सेना के पराक्रम का लोहा मान लिया है. भारतीय वायुसेना को दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर वायुसेना कहा जाने लगा है. ऐसे में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को कुछ ऐसा कहा जिससे पाकिस्तानी सेना के अंदर खौफ पैदा हो जाए.

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने साफ कहा, ”हमने हिंदुस्तान का कमिटमेंट दुनिया के सामने दोहराया है. प्राण जाए पर वचन न जाए. यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है.”

उन्होंने सेना के आत्मविश्वास की झलक अपने शब्दों के जरिए भी बयां की. उन्होंने सलमान खान की फिल्म का एक डायलॉग इस्तेमाल करते हुए सधे शब्दों में दुश्मनों को चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा, ”एक बार जो मैंने कमिट किया फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता.”

सीआईआई समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दुश्मनों को सख्त लहजे में चेतावनी दे दी और बता दिया कि भारत अब किसी भी परिस्थिति में अपने खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का सटीक और सीधा जवाब देगा.


अमर प्रीत सिंह ने सीआईआई बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमें यह स्पष्ट रूप से बता दिया है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए.

उन्होंने साफ कह दिया कि हिंदुस्तान की सेना एक ही बात में यकीन करती है कि एक बार जो कमिटमेंट कर लिया तो फिर हम अपने आप की भी नहीं सुनते.

हालांकि, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने रक्षा खरीद परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताई. वायुसेना प्रमुख ने रक्षा प्रणालियों में देरी के कई मामलों की ओर इशारा किया.

उन्होंने आगे कहा, ”हम सिर्फ भारत में उत्पादन के बारे में बात नहीं कर सकते, हमें डिजाइनिंग के बारे में भी बात करनी होगी. हमें सेना और उद्योग के बीच विश्वास की जरूरत है. हमें बहुत खुलापन दिखाने की जरूरत है. एक बार जब हम किसी चीज के लिए प्रतिबद्ध हो जाते हैं, तो हमें उसे पूरा करना चाहिए. वायु सेना भारत में निर्माण के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है.”

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने साफ संदेश दे दिया कि हमें भविष्य के लिए अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि 10 साल में हमें उद्योग से ज्यादा उत्पादन मिलेगा, लेकिन हमें आज जो चाहिए, वह आज चाहिए. हमें जल्दी से जल्दी अपने कामों को एक साथ करने की जरूरत है.

उन्होंने इसके साथ ही यह भी कहा कि युद्ध सेनाओं को सशक्त बनाकर जीते जाते हैं.

 


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