उत्तराखंड में लागू हुई समान नागरिक संहिता (UCC), ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना

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देहरादून | उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानि UCC सोमवार से लागू हो गई. यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड अब भारत देश का पहला राज्य बन गया है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘समान नागरिक संहिता उत्तराखंड- 2024′ को लागू किए जाने पर नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी धर्म के खिलाफ नहीं है बल्कि इससे अब राज्य में सभी धर्मों की महिलाओं को एक समान अधिकार मिलेगा. यूसीसी से महिलाएं सशक्त होंगी। हलाला प्रथा, बहुविवाह, बाल विवाह पर रोक लगेगी।’

उन्होंने कहा, “आज का दिन न केवल हमारे उत्तराखंड, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है. हम समानता स्थापित करने के मकसद से बनाई ‘समान नागरिक संहिता’ को देवभूमि उत्तराखंड में आज से लागू करने जा रहे हैं. मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने ‘समान नागरिक संहिता’ को बनाने की दिशा में अपना अहम योगदान दिया.

उन्होंने कहा, “यूसीसी बनाने वाली हमारी टीम ने 2 लाख 35 हजार लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया. इस संबंध में सभी राजनीतिक दलों से सुझाव भी लिए गए लेकिन सही मायने में अगर इस गंगा को निकालने का श्रेय किसी को जाता है, तो वह देवभूमि उत्तराखंड है.”

उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की जनता ने हमें इसके लिए अपना आशीर्वाद दिया. आज यूसीसी लागू करके हम लोग संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं. हमने जनता से किया अपना वादा पूरा दिया है.”

सीएम धामी के मुताबिक, यूसीसी महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. वह बोले, “यूसीसी से महिलाएं सशक्त होंगी और हलाला, बहुविवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगेगी. यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी. इससे सभी नागरिकों के अधिकार और दायित्व एक समान होंगे.”

बता दें कि 2022 के चुनाव से एक दिन पहले धामी ने यूसीसी की घोषणा की थी. सरकार बनाने के बाद मार्च 2022 की पहली कैबिनेट में समिति गठन को मंजूरी दी गई थी. इसे लेकर समिति ने ढाई लाख लोगों से 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए थे.

उत्तराखंड यूसीसी विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और इनसे संबंधित अन्य विषयों को रेगुलेट करेगा. यूसीसी में सभी धर्मों में पुरुषों और महिलाओं के लिए समान शादी की उम्र, तलाक के आधार और प्रक्रियाएं तय की गईं हैं, जबकि बहुविवाह और हलाला पर बैन लगाया गया है.


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