अक्टूबर के महीने में वेज थाली इतने प्रतिशत हुई महंगी, इस महंगाई का यह है कारण

Veg Thali Depositphotos_6283218_S (1) (1)

सांकेतिक तस्वीर (क्रेडिट: डिपाजिट फोटो)

The Hindi Post

नई दिल्ली | बीते महीने सब्जियों की बढ़ी हुई कीमतों की वजह से शाकाहारी और मांसाहारी थालियों की लागत में उछाल दर्ज हुआ है. बुधवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर महीने में सब्जियों की कीमतों ने शाकाहारी और मांसाहारी थालियों की लागत बढ़ा दी है. घर में पकाई गई शाकाहारी थाली की कीमत में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस वृद्धि का मुख्य कारण सब्जियों की ऊंची कीमतें रही.

क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स के निदेशक (शोध) पुशन शर्मा ने कहा, “टमाटर, आलू और प्याज की कीमतों में अलग-अलग कारणों से तेज वृद्धि हुई है. प्रमुख उत्पादक राज्यों में सितंबर के महीने में हुई ज्यादा बारिश के कारण खरीफ प्याज की आवक में देरी हुई. मजबूत त्योहारी मांग के बीच टमाटर की फसल को नुकसान हुआ और आलू के कोल्ड स्टोरेज स्टॉक के घटने से कीमतों में तेजी आई.”

अक्टूबर में प्याज और आलू की कीमतें क्रमशः 46 प्रतिशत और 51 प्रतिशत बढ़ गई, क्योंकि सितम्बर में लगातार बारिश के कारण आवक कम हो गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया है, “हमें उम्मीद है कि नवंबर में टमाटर की कीमतें स्थिर हो जाएंगी. मंडियों में खरीफ की आवक के साथ प्याज की कीमतें भी कम होनी चाहिए. हालांकि, आलू की कीमतों में नरमी आने में थोड़ा और समय लग सकता है.”

नॉन-वेज थाली की कीमत, जिसमें लगातार 12 महीनों से गिरावट दर्ज की जा रही थी, उसमें भी 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इससे वेज थाली के साथ उसका अंतर समाप्त हो गया है.

घर पर थाली तैयार करने की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित इनपुट कीमतों के आधार पर की जाती है।

IANS

 


The Hindi Post

You may have missed

error: Content is protected !!