यूपी: इच्छामृत्यु की अनुमति मांगने वाली महिला जज को मिली जान से मारने की धमकी

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सांकेतिक तस्वीर (फोटो क्रेडिट: इंग्लिश पोस्ट)

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तीन महीने पहले एक महिला न्यायाधीश ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी थी. उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न के कारण इच्छामृत्यु की मांग की थी. अब उन्हीं महिला जज ने जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही है. महिला जज के अनुसार, रजिस्टर्ड डाक से उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है. पुलिस ने ये जानकारी दी.

स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) कोतवाली अनुपम दुबे ने कहा है कि पुलिस रजिस्टर्ड डाक भेजने वाले की पहचान करने के लिए संबंधित डाकघर के सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी.

बांदा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्रा ने कहा, “हमने न्यायिक अधिकारी को धमकी देने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस जांच कर रही है.”

बांदा पुलिस स्टेशन के SHO ने बताया कि महिला जज की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (मूल्यवान वास्तु या वसीयत की जालसाजी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है.

महिला जज ने इस मामले में रविवार को एक लिखित शिकायत पुलिस को दी. इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि उन्हें 28 मार्च को (उनके आवास पर) रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला.

यह पत्र कथित तौर पर आरएन उपाध्याय नाम के व्यक्ति द्वारा भेजा गया था. लिफाफे पर उपाध्याय का मोबाइल नंबर 9415802371 भी लिखा है.

महिला जज ने अपनी शिकायत में तीन व्यक्तियों के नाम का भी खुलासा किया है जिनके बारे में उनका ऐसा मानना है कि इस धमकी भरे पत्र को भेजने के पीछे उनका (तीन व्यक्तियों) हाथ हो सकता है.

उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि उनके द्वारा की गई कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद शुरू हो गई है.

महिला जज ने एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग पिछले साल दिसंबर में की थी. इसके लिए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से अपील की थी.

यह पत्र करीब चार महीने पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें कथित तौर पर एक न्यायिक अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था. उस समय महिला जज बाराबंकी जिले में पोस्टेड थी.

By IANS

 


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