जेएनयू कैंपस में ब्राह्मण और बनियों के खिलाफ दीवारों पर लिखीं गई आपत्तिजनक बातें
फोटो: सोशल मीडिया
नई दिल्ली | जवाहरलाल नेहरू नेशनल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में एक बड़ा विवाद पैदा हो गया है. विश्वविद्यालय कैंपस के भीतर जगह-जगह दीवारों पर ब्राह्मणों और बनियों के खिलाफ नारे लिखे गए हैं. जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की दीवारों पर असामाजिक तत्वों ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अमर्यादित नारे लिखे. यहां लाल रंग से लिखा गया- ‘ब्राह्मणों कैंपस छोड़ो’ ‘ब्राह्मणों-बनियों हम तुम्हारे लिए आ रहे हैं, तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा’.
विश्वविद्यालय परिसर में जाति विशेष के खिलाफ लिखी गई इन बातों से जेएनयू एक बार फिर विवादों में आ गया है. विश्वविद्यालय के कई छात्रों और छात्र संगठनों ने जेएनयू परिसर की दीवारों पर लिखे ब्राह्मण और बनिया विरोधी नारों पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. वहीं विश्वविद्यालय में ब्राह्मणों और बनियों के खिलाफ लिखे नारे सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं.

छात्रों का कहना है कि कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के अंदर स्थित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की बिल्डिंग की दीवारों पर ब्राह्मण और बनिया समुदाय के खिलाफ अभद्र बातें लिखीं गई लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है.
जानकारी के मुताबिक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की दीवारों पर यह अभद्र टिप्पणियां 30 नवंबर की रात को लिखी गईं. वहीं इस घटना को लेकर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विषय की जांच शुरू कर दी है और दोषियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
जेएनयू के छात्र संगठनों की बात करें तो एबीवीपी के अध्यक्ष रोहित कुमार ने कहा, “हमारा संगठन इस प्रकार की अभद्र टिप्पणियों की घोर निंदा करता है.” रोहित ने इस प्रकरण के लिए वामपंथी विचारधारा से जुड़े छात्रों को जिम्मेदार ठहराया.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय की दीवारों पर लिखी गईं इस प्रकार की आपत्तिजनक बातें ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा लिखी गई हैं. छात्र संगठन का कहना है कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े छात्र और उनके समर्थक जेएनयू में कुछ प्रोफेसर्स को डराने के लिए ऐसी धमकी भरी नारे लिख रहे हैं. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.
वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन से जुड़े छात्रों ने इस घटना में शामिल होने से इनकार किया है. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संगठन के सदस्य व पूर्व अध्यक्ष एन. साईं बालाजी ने इन आरोपों से इनकार किया है. बालाजी ने उल्टा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर आरोप लगाते हुए संदेह व्यक्त किया कि यह स्वयं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की हरकत हो सकती है.
हिंदी पोस्ट वेब डेस्क/आईएएनएस
