नाबालिग लड़की को ‘आइटम’ कहने पर कोर्ट ने सुनाई शख्स को 18 महीने जेल की सजा
सांकेतिक तस्वीर (हिंदी पोस्ट)
मुंबई | मुंबई की एक विशेष अदालत ने एक नाबालिग लड़की को ‘आइटम’ कहकर उसका यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक व्यवसायी को दोषी ठहराया है. डिंडोशी स्पेशल पोक्सो कोर्ट के जज एस.जे. अंसारी ने अंधेरी निवासी अबरार एन. खान को 2015 में किए गए अपराध के लिए डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई.
विशेष न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह के अपराधों (जैसे शब्द आइटम बोलना) और अवांछित व्यवहार को देखते हुए महिलाओं की रक्षा के लिए कठोरता से निपटने की आवश्यकता है.
जुलाई 2015 में जब नाबालिग लड़की स्कूल से अकेले लौट रही थी कि तभी अबरार खान जो अपनी बाइक पर बैठा था, उसने उसे रोक लिया और नहीं रुकने पर उसका पीछा किया. फिर लड़की के बाल खींचे और कहा “क्या आइटम, किधर जा रही हो?, ऐ आइटम, सुन ना आइटम, तुम कहां जा रही हो? ओह, आइटम, मेरी बात सुनो”. लड़की ने तब इसपर अपना विरोध जताया था.

इस पर, अबरार खान, जो उस समय बमुश्किल 18 वर्ष का था, उसने लड़की को गाली देना शुरू कर दिया और दावा किया कि वह उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकती, (तू मेरा क्या उखाड़ लेगी?) आदि, जिसके बाद लड़की ने पुलिस कंट्रोल नंबर पर कॉल किया. जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तो अबरार और उसके दोस्त भाग निकले थे, जबकि लड़की अपने परिवार को इस सब के बारे में सूचित करने के लिए घर चली गई थी. बाद में साकीनाका पुलिस स्टेशन में अबरार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी.
अबरार को पहले तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया क्योंकि उसे अग्रिम जमानत मिल गई थी. अबरार की वकील सलमा अंसारी के माध्यम से – उसने दावा किया कि उसे फंसाया जा रहा क्योंकि लड़की के परिवार वालों को दोनों की दोस्ती पसंद नहीं थी. लड़की ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया था और अपनी बात पर कायम रही और बताया कि कैसे अबरार उसे लगातार परेशान कर रहा था.
विशेष सहायक लोक अभियोजक एसएस महातेकर की दलीलों को बरकरार रखते हुए, विशेष न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने अबरार खान द्वारा नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न करने के तथ्य को साबित कर दिया है.

विशेष न्यायाधीश अंसारी ने अबरार खान को कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटने की जरूरत है.
ians
