नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया जिसमें शामिल हुए है तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद, उसका अध्यक्ष इनको बनाया गया
नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया जिसमें शामिल हुए है तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद, उसका अध्यक्ष इनको बनाया गया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय का एलान किया है. इस गुट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अलग बैठने की मांग की है. वहीं सोमवार को एनसीपीआई ने इस विलय और काकोली घोष को नया अध्यक्ष चुने जाने की जानकारी चुनाव आयोग को दे दी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काकोली घोष को एनसीपीआई का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है.
मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी सूत्रों के अनुसार यह जानकारी दी गई है कि पूर्व अध्यक्ष और संस्थापक शिउली कुंडू ने व्यक्तिगत कारणों से 28 मई 2026 को अपने पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 31 मई को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने काकोली घोष को नया अध्यक्ष चुना था. पेशे से वकील शिउली कुंडू ने साल 2022 में हावड़ा (पश्चिम बंगाल) से इस पार्टी की शुरुआत की थी. इस पार्टी ने त्रिपुरा विधानसभा और बंगाल पंचायत चुनाव भी लड़ा था. इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद हावड़ा में नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़े पते पर केंद्रीय बल तैनात कर दिया गया है.

दूसरी तरफ, टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस विलय पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि सांसद एक पार्टी से जीते, दूसरी पार्टी के नेताओं के साथ बैठकें कीं और अचानक तीसरी पार्टी में शामिल हो गए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में तीसरी पार्टी का कोई सदस्य या झंडा कहीं दिखाई नहीं दिया. ऐसा लगता है जैसे दूसरी पार्टी ने टीएमसी के बागी गुट को तीसरी पार्टी में भेजने के लिए सिर्फ एक ‘मैसेंजर’ का काम किया है लेकिन खुद अपने दरवाजे उनके लिए नहीं खोले.
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