दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, मोटरसाइकिलों में लगाई गई आग, कई लोग घायल, विवाद की यह वजह आई सामने, VIDEO
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हजारीबाग | झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत इचाक प्रखंड के डुमरौन गांव में दो समुदायों के बीच बुधवार को हिंसक झड़प हो गई. दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ जिसमें कम से कम 20 लोग घायल हो गए. उपद्रवियों ने तीन मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी.
हिंसक टकराव की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और सुरक्षा बलों की टुकड़ियां मौके पर पहुंची. इसके बाद हालात पर काबू पा लिया गया.
बताया जा रहा हैं कि डुमरौन स्थित सरकारी विद्यालय के गेट पर धार्मिक झंडा लगाने को लेकर विवाद बढ़ा और देखते ही देखते दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए. एक समुदाय ने करीब दो साल पहले विद्यालय में धार्मिक प्रतीक वाला मीनारनुमा गेट बना दिया था.
A violent clash erupted in Hazaribagh over Mahashivratri decorations, leading to stone-pelting, arson, & multiple injuries. Several vehicles and a shop were torched.
Hindu can cannot celebrate their festivals in Hindustan, this is just 2025, think of the situation by 2050. pic.twitter.com/1SNAIRWfe6
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) February 26, 2025
इस पर ग्रामीणों का एक समूह लगातार आपत्ति जता रहा हैं. इसे लेकर जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित कई अफसरों को कई बार ज्ञापन भी सौंपा गया था लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की.
बुधवार को इसी गेट के पास एक समुदाय के लोग गाना बजाते हुए धार्मिक झंडा लगाने पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद दोनों ओर से जमकर भिड़ंत हुई.
घायलों का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया है. पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को मौके से हटा दिया गया लेकिन इस बीच तीन मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर देने से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
Ranchi, Jharkhand: On the Hazaribagh incident, Union MoS Sanjay Seth says, “The government should take action against such people. Today is Maha Shivratri. Who are these people trying to disturb peace and harmony on this day…” pic.twitter.com/0QlAjCvSgz
— IANS (@ians_india) February 26, 2025
इचाक के बीडीओ और थाना प्रभारी मौके पर मौजूद हैं. पुलिस-प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इलाके में शांति बहाल करने के लिए अभियान तेज कर दिया है. दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराने की कोशिश की जा रही है.
एक समुदाय के लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने सरकारी विद्यालय में धार्मिक प्रतीक वाली मीनार का निर्माण नहीं रोका तो दूसरे पक्ष को भी वहां झंडा लगाने का अधिकार है.
IANS