“ऐसी जगह मारेंगे जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा…”, ट्रंप ने किस देश के प्रमुख को दी ऐसी धमकी ?

Donald Trump 2 Jan 10 (1)

फाइल फोटो | आईएएनएस

The Hindi Post

“ऐसी जगह मारेंगे जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा…”, ट्रंप ने किस देश के प्रमुख को दी ऐसी धमकी ?

 

वाशिंगटन | ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ दो हफ्तों से जारी प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है. इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग न किया जाए. डोनाल्ड ट्रंप ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अमेरिका हालात पर नजर रख रहा है और अगर नागरिकों के खिलाफ हिंसा बढ़ती है तो जवाब दिया जाएगा.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान गंभीर आंतरिक अशांति का सामना कर रहा है. यह स्थिति देश के नेतृत्व के लिए एक चुनौती है. उन्होंने कहा, “ईरान बड़ी मुसीबत में है. मुझे ऐसा लगता है कि लोग शहरों पर कब्जा कर रहे हैं. कुछ हफ्ते पहले तक किसी ने सोचा नहीं था कि ऐसा सच में हो सकता है.”

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उनके प्रशासन ने तेहरान को प्रदर्शनकारियों की हत्या के खिलाफ एक सख्त चेतावनी जारी की है. उन्होंने संकेत दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अगर वे पहले की तरह लोगों को मारेंगे तो हम दखल देंगे. हम उन्हें वहीं मारेंगे जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा.” राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी अमेरिकी कार्रवाई में जमीनी सेना को तैनात नहीं किया जाएगा.

ट्रंप ने कहा, “इसका मतलब जमीन पर सैनिक भेजना नहीं है, बल्कि उन्हें साथ बहुत सख्ती के साथ निपटना है.”

उन्होंने कहा कि प्रशासन ईरान के अंदर के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में अशांति को लेकर मौजूदा रुख की तुलना अमेरिका की पिछली प्रतिक्रियाओं से की और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के रवैये की आलोचना की. उन्होंने कहा, “ऐसे मामले पहले भी आए हैं जब राष्ट्रपति ओबामा पूरी तरह पीछे हट गए थे. लेकिन ईरान में जो हो रहा है, वह काफी असाधारण है.”

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्षों के दमन के कारण ईरान के नेतृत्व ने खुद ही इस अशांति को जन्म दिया है. ट्रंप ने कहा, “उन्होंने बहुत खराब काम किया है. उन्होंने अपने लोगों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया है और वे अब उसी का नतीजा भुगत रहे हैं.”

डोनाल्ड ट्रंप ने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिका क्या कार्रवाई कर सकता है. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि प्राथमिकता नागरिकों के खिलाफ हिंसा को रोकना है. हालांकि, ट्रंप ने व्यापक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के सुझावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी जरूरत होगी.”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया कि प्रशासन का ध्यान बड़े पैमाने पर जनहानि को रोकने पर केंद्रित है.

आईएएनएस

 


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