डोनाल्ड ट्रंप ने अब इस देश को हड़काया, उसे तेल बेचने वालों को भी दी वार्निंग
डोनाल्ड ट्रंप ने अब इस देश को हड़काया, उसे तेल बेचने वालों को भी दी वार्निंग
डोनाल्ड ट्रंप के एक और फैसले ने दुनिया में हलचल बढ़ा दी है. वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर नियंत्रण और ईरान के व्यापारिक साझेदारों को धमकाने के बाद, अब उन्होंने क्यूबा को लेकर नई चेतावनी जारी की है. ट्रंप ने उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है जो क्यूबा को तेल की आपूर्ति करेंगे. इससे क्यूबा के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
तेल के खेल में अंधेरे में डूबा क्यूबा
ट्रंप प्रशासन की इस सख्ती का असर जमीन पर दिखने लगा है. अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल टैंकरों को जब्त करने की रणनीति ने क्यूबा में ईंधन की भारी किल्लत पैदा कर दी है. इसका सीधा नतीजा यह हुआ है कि क्यूबा में बिजली संकट गहरा गया है. देश में बार-बार ‘ब्लैकआउट’ हो रहा है और लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं.
आखिर क्यूबा से क्या है ट्रंप की परेशानी?
ट्रंप क्यूबा के कम्युनिस्ट नेतृत्व पर दबाव बनाकर वहां की व्यवस्था को बदलना चाहते हैं. उन्होंने हवाना (क्यूबा की राजधानी) पर अमेरिका के दुश्मनों को पनाह देने का आरोप लगाया है. ट्रंप का मानना है कि क्यूबा की सरकार की नीतियां अमेरिका के लिए “असाधारण खतरा” हैं.
वेनेजुएला कनेक्शन और संकट की जड़
क्यूबा और वेनेजुएला पुराने सहयोगी रहे हैं. पहले वेनेजुएला हर दिन लगभग 35,000 बैरल तेल क्यूबा को भेजता था. लेकिन हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से यह आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है. ट्रंप का दावा है कि क्यूबा जल्द ही पतन की ओर बढ़ेगा. उन्होंने क्यूबा को चेतावनी दी है कि वह देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर लें.
क्यूबा का पलटवार: “हस्तक्षेप मंजूर नहीं”
ट्रंप की इन धमकियों पर क्यूबा ने कड़ा रुख अपनाया है. क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास उनके देश पर कोई भी समझौता थोपने का नैतिक अधिकार नहीं है. वहीं, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने कहा कि क्यूबा को किसी भी देश से अपनी मर्जी से तेल-गैस आयात करने का पूरा अधिकार है और वह अमेरिका के इस एकतरफा दबाव के आगे नहीं झुकेंगे.
