डोनाल्ड ट्रंप के कान में फुसफुसाते हुए कैमरे में कैद हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया यह काम

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बोर्ड ऑफ पीस की लॉन्चिंग के दौरान ट्रंप के कान में कुछ यूं फुसफुसाते दिखे शहबाज शरीफ / (वीडियो से लिया गया स्क्रीनग्रैब /क्रेडिट : सोशल मीडया)

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ट्रंप की थपकी और शहबाज की फुसफुसाहट: ‘पीस बोर्ड’ की लॉन्चिंग के बीच दोनों की ‘सीक्रेट’ बातचीत’ हुई वायरल

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में पीस बोर्ड के फाउंडिंग चार्टर पर साइन किए. इसी के साथ जंग सुलझाने के लिए बनाए गए ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च कर दिया गया.

पीस बोर्ड को लॉन्च करते समय ट्रंप ने कहा कि इसका शुरुआती मकसद गाजा में युद्धविराम को और मजबूत करना है. साइन सेरेमनी के दौरान कुल 22 देशों ने इस चार्टर पर साइन किए.

पीस बोर्ड पर साइन करने वाले देशों में अमेरिका, बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और उज्बेकिस्तान हैं. इस तरह बोर्ड में आठ इस्लामिक देश शामिल हैं.

वहीं, फ्रांस, नॉर्वे, स्लोवेनिया, स्वीडन और ब्रिटेन इस बोर्ड में शामिल नहीं होगा जबकि अन्य देशों ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इस साइन सेरेमनी से शहबाज शरीफ और डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें शहबाज को ट्रंप के कान में फुसुफसाते और ट्रंप को उनके हाथों पर थपकियां देते देखा जा सकता है.


व्हाइट हाउस ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए 60 देशों को आमंत्रित किया था. इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अलावा यूएई, अर्जेंटीना, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के नेता मौजूद रहे.भारत की ओर से इस दौरान कोई साइन सेरेमनी में नहीं था.

बता दें कि ट्रंप ने पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था. पहले कहा जा रहा था कि अमेरिका ने लगभग 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा था.

भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. शुरुआत में यह बोर्ड गाजा में शांति बहाली की दिशा में काम करेगा लेकिन इसके बाद कई अलग-अलग वैश्विक मुद्दों पर यह काम करेगा. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों में से अमेरिका के अलावा किसी भी देश ने अभी तक इस बोर्ड में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है.


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