विपक्ष के भारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने “संचार साथी” ऐप को लेकर किया यह बड़ा बदलाव….
विपक्ष के भारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने “संचार साथी” ऐप को लेकर किया यह बड़ा बदलाव….
नई दिल्ली | केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि संचार साथी ऐप से न ही स्नूपिंग (जासूसी) संभव है और न ही भविष्य में ऐसा कभी संभव हो सकेगा क्योंकि पीएम मोदी की सरकार जनता को उनकी सुरक्षा पर पूरा नियंत्रण और अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध बनी हुई है.
इस बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष के भारी विरोध के बाद मोबाइल निर्माता कंपनियों के लिए संचार साथी ऐप की प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. सरकार ने कहा कि ऐप साइबर सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और नागरिकों की सुरक्षा करता है. यूजर्स इसे कभी-भी अनइंस्टॉल कर सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा, “लोगों को विश्व से जोड़ने के लिए दूरसंचार का क्षेत्र एक बहुत बड़ा माध्यम है. आज देश में हमारे यूजर्स का आंकड़ा 1 अरब तक पहुंच चुका है. यहां दूरसंचार सेवाओं का सकारात्मक प्रभाव है वहीं इसका नकारात्मक इस्तेमाल भी किया जा रहा है. ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि देश की जनता और हर नागरिक को इन नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रखें. इसी सोच के साथ 2023 में संचार साथी पोर्टल और 2025 में संचार साथी ऐप की शुरुआत की गई थी.”
उन्होंने अपनी बात समझाते हुए कहा कि संचार साथी एक ऐसा ऐप है जिसके साथ जनभागीदारी के आधार पर देश का हर नागरिक अपने आप को फ्रॉड से सुरक्षित रख सकता है. नागरिक अपने चोरी हुए फोन की रिपोर्ट कर सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि संचार साथी पोर्टल पर 20 करोड़ हिट और ऐप डाउनलोड का आंकड़ा करीब 1.5 करोड़ है. ऐसे में इस प्लेटफॉर्म की सफलता का श्रेय जनता को ही जाता है क्योंकि जनभागीदारी के आधार पर ही प्लेटफॉर्म आगे बढ़ पाया है.
उन्होंने कहा, “इस ऐप और पोर्टल के आधार पर भारत भर में फ्रॉड से जुड़े 1.5 करोड़ मोबाइल कनेक्शंस को डिसकनेक्ट किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इन मोबाइल कनेक्शंस को लेकर जनता ने शिकायत दर्ज की थी. इसके अलावा, करीब 26 लाख चुराए हुए हैंडसेट्स को ट्रेस किया गया है. 7 लाख चुराए गए हैंडसेट्स (फोन्स) को ऑरिजनल यूजर्स को वापस लौटाया गया हैं. 41 लाख मोबाइल कनेक्शन डिसकनेक्ट किए गए हैं, 6 लाख फ्रॉड को ब्लॉक किया गया है. इसी के आधार पर हमारी यह कोशिश रही कि हम हर एक नागरिक को यह प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाएं.”
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि फोन में मौजूद ऐप यूजर की इच्छा के बिना ऑटोमैटिकली ऑपरेट नहीं हो सकता है. जब तक यूजर ऐप में खुद को रजिस्टर नहीं करता तब तक ऐप ऑपरेट नहीं होगा. इसी के साथ यूजर अपनी सुविधा के अनुसार अपने फोन से किसी भी ऐप को डिलीट कर सकता है.
उन्होंने कहा, “संचार साथी ऐप को लेकर हमारा कोई हठ नहीं है. इसका प्रयोग जनता की भागीदारी के आधार पर हुआ है.”
IANS
