इंडिगो मामले में राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया, सरकार पर बोला हमला, क्या कहा ?
नई दिल्ली | इंडिगो एयरलाइन्स की आज 550 फ्लाइट्स कैंसिल है. पिछले तीन दिनों से इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल हो रही है. इस बीच लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बयान सामने आया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अखबार में छपे एक आर्टिकल को शेयर करते हुए लिखा, “इंडिगो की नाकामी इस सरकार के मोनोपॉली मॉडल की कीमत है.” उन्होंने कहा कि आम भारतीय ही इसकी कीमत देरी, कैंसिलेशन और लाचारी के रूप में चुका रहे हैं.”
राहुल गांधी ने कहा कि भारत हर सेक्टर में सही कॉम्पिटिशन का हकदार है, मैच-फिक्सिंग मोनोपॉली का नहीं.
राहुल गांधी ने छपे अपने आर्टिकल के जरिए कहा कि आज देश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां भय और मुक्त व्यवसायिक माहौल में से किसी एक को चुनना होगा. ईस्ट इंडिया कंपनी ने आवाज छीनी थी और आज नई मोनोपॉली वही डर वापस ला रही है. ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को ताकत से नहीं, बल्कि ‘मोनोपॉली और दबाव’ की नीति से चुप कराया था. आज वैसा ही माहौल कुछ उद्योगपतियों ने पैदा कर दिया है जिन्होंने विशाल संपत्ति तो बनाई साथ ही देश में आर्थिक असमानता बढ़ा दी.
कांग्रेस सांसद का आरोप है कि देश की संस्थाएं अब लोगों की नहीं रहीं बल्कि इन मोनोपॉली समूहों की सेवा करती दिखती हैं. लाखों छोटे व्यापार चौपट हो रहे हैं और देश नौकरियों का निर्माण नहीं कर पा रहा.
राहुल गांधी ने भारत के कारोबारी समुदाय को लेकर कहा कि वे फोन पर बात करने से भी डरते हैं. डरते हैं कि कोई मोनोपॉली समूह और सरकार मिलकर उनके सेक्टर में घुस न जाए? आईटी, सीबीआई और ईडी के छापों के डर से अपना व्यवसाय बेचने को मजबूर हो जाएं. पूंजी रोक दी जाए या नियम बदलकर अचानक हमला हो जाए. हालांकि उन्होंने कुछ उद्योगपतियों और कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे ईमानदारी से काम करते हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि ये कंपनियां बताती हैं कि भारत में बिना मोनोपॉली के भी शानदार सफलता संभव है.
